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इंदिरा गांधी इस सेना प्रमुख से इतना डरती थी कि…

फील्ड मार्शल सैम मानेकशाह

एक समय ऐसा था जब भारत की राजनीति में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तूती बोलती थी.

आपातकाल के बाद तो हर कोई उनसे आंख मिलाने की हिम्मत भी नहीं कर पाता था.

लेकिन भारत में इंदिरा गांधी को एक शख्स से अक्सर डर लगता था. इंदिरा गांधी को लगता था कि वह शख्स किसी भी दिन आकर उनकी सत्ता पलटकर देश का तानाशाह बन जाएगा.

फील्ड मार्शल सैम मानेकशाह

आपको बता दें कि इंदिरा गांधी जिस शख्स से डरती थी वह कोई ओर नहीं फील्ड मार्शल सैम मानेकशाह थे. फील्ड मार्शल सैम मानेकशाह 1971 की भारत पाकिस्तान वार के हीरों रहे थे. युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को हराकर पूर्वी पाकिस्तान को उससे अलग कर बांग्लादेश नाम से एक नए देश का जन्म कर दिया था.

इंदिरा गांधी सैम मानेकशाह को लेकर हमेशा खतरे का अनुभव करती रहती थी इस बात का खुलासा स्वयं मानेकशाह ने किया था.

फील्ड मार्शल सैम मानेकशाह ने बताया था कि देश में आपातकाल लगाने के बाद इंदिरा गांधी को हमेशा यह डर बना रहता था कि जिस प्रकार विपक्ष उनका विरोध कर रहा है उस स्थिति में सेना उनका तख्ता पलटकर राजनीतिक उथल पुथल का लाभ ले सकती है.

जिस प्रकार पड़ोसी देश पाकिस्तान में सेना राजनीतिक हालात का लाभ उठाकर वहां सत्ता पर काबिज हो जाती है उसी प्रकार भारत में भी सेना उनको गद्दी से उतार सकती है.

अपने इसी डर को लेकर एक बार इंदिरा गांधी ने फील्ड मार्शल सैम मानेकशाह से पूछ ही लिया कि सैम तुम कब सत्ता संभाल रहे हो. इस पर सैम मानेकशाह उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से खफा हो गए. गुस्से को किसी प्रकार काबू में रखकर इंदिरा गांधी से मानेकशाह ने कहा कि इंदिरा जी मेरी नाक आपकी नाक से ज्यादा लंबी है और मैं इसे दूसरों के मामलों में कभी नहीं फंसाता हूं.

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नाक काफी लंबी थी. संयोग से इंदिरा गांधी की नाक जितनी लंबी थी उससे कहीं लंबी नाक फील्ड मार्शल सैम मानेकशाह की थी.

यही कारण था कि सैम मानेकशाह ने अपने नेतृत्व में भारत में तत्कालीन प्रधानंमत्री इंदिरा गांधी के सैन्य तख्ता पल्ट की उनकी आंशका को खारिज करते लंबी नाक का हवाला दिया था.