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ओरंगजेब के बाद अब वायसराय है मोदी के निशाने पर !

वायसराय टेरीटिरी

मुगलों के बाद अब अग्रेंज नरेंद्र मोदी के निशाने पर हैं.

औरंगजेब के बाद अब भारत सरकार वायसराय को बाहर का रास्ता दिखाने वाली है.

भारत सरकार जल्दी ही गुलामी के एक और निशान से मुक्ति पाने वाली है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने तय किया है कि भारतीय विमानों से जल्दी ही ब्रिटिश गुलामी के प्रतीक चिन्ह VT यानी वायसराय टेरीटिरी को खत्म कर दिया जाएगा. मोदी सरकार ने इस बारे में पूरी तैयारी कर ली है.

इसको हटाने को लेकर विमान मामलों की अंतराष्ट्रीय संस्था इंटरनेश्नल सिविल एवियेशन ऑर्गनाइजेशन से बात भी हो चुकी है. इंटरनेश्नल एवियेशन एजेंसी जल्दी ही वायसराय टेरीटिरी वाले प्रतीक चिन्ह के स्थान पर एक नया कोड जारी करेगी, जिसके बाद भारतीय विमानों पर से गुलामी का यह प्रतीक चिन्ह हमेशा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा.

आप को सुन कर ताजुब्ज होगा कि ब्रिटिश साम्राज्य से आजादी के 70 वर्ष होने को हैं और हम आज भी गुलामी के प्रतीकों को गर्व के साथ ढ़ोह रहे हैं. जबकि ब्रिटिश शासन के गुलाम रहा फिजी जैसा छोटा सा देश इस गुलामी के प्रतीक को काफी पहले ही हटा चुका है.

गौरतलब है कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र की यूपीए सरकार ने भी वायसराय टेरीटिरी को हटाने की कोशिश की थी लेकिन कमजोर इच्छाशक्ति और मनमाफिक कोड नहीं मिल पाने के कारण उसने इसे ठंडे बसते में डाल दिया गया था. लेकिन बीते दिनों संसद में भी इस मामले पर चर्चा की गई तो इसका सच सामने आया. सभी सरकार ने इसे जल्द से जल्द बदलने की बात कही थी.

आप को बताते चलें कि भारत में सभी एयर प्लेन्स की बॉडी और विंग्स के पास वीटी से शुरू होने वाला एक 5 अंकों का कोड लिखा होता है, यह कोड बीते 87 सालों, जब से ब्रिटिश साम्राज्य के काल में भारत में विमानन सेवा अस्तित्व में आई है तब से इसको भारतीय प्लेन पर लिखा जा रहा है.

दरअसल, वीटी उस देश का कोड होता है जिस देश का यह विमान है. विमान पर लिखे वीटी का मतलब है वाइसरॉय टेरिटरी अर्थात वाइसरॉय का क्षेत्र. किसी भी देश के विमान को यह कोड इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन प्रोवाइड करता है.

वर्ष 1929 में जब अंग्रेजी शान काल में भारत ने अपनी विमान सेवा शुरू की थी तो उसको इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन से वीटी कोड मिला था. लेकिन अब भारत चाहता है कि उसको देश के नाम से मिलता जुलता कोई कोड दिया जाए. लेकिन इससमें समस्या आ रही है. क्योंकि भारत जो कोड चाहता है वह पहले से ही जारी किए हुए हैं.

भारत की पंसद थी कि उसे BA (भारत) या IN (इंडिया) दिया जाए. जबकि इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन इन कोडों को पहले ही जारी कर चुका है.

एविएशन ऑर्गनाइजेशन B कोड चीन (बीजिंग) को और I (इटली ) को जारी कर चुका है.

इससे पहले चीन, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और फिजी जैसे देश अपने देश का कोड बदल चुके हैं. लेकिन अब भारत भी इसको बदलने जा रहा है. भारत सरकार इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन को अपना नया कोड भेज चुकी है जल्द ही आप इसको इंडियन एअर लाइंस के विमानों पर लिखा देखोंगे.

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