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आयसाइट खराब होने के शुरुआती लक्षणों को ऐसे करें दूर !

आयसाइट

आयसाइट  –  दूषित वायु, असंतुलित आहार, अपर्याप्त नींद, लैपटॉप, मोबाइल व व्यक्तिगत चिंता ने मनुष्य को रोगग्रस्त बना दिया है। कहीं न कहीं यह सभी व्यक्ति को शारीरिक रूप से क्षीण बनाने का कार्य कर रहे हैं चाहे वह त्वचा या पाचन तंत्र से संबंधित हो, व्यक्ति रोगग्रस्त हो गया है।

इनके अलावा एक अन्य रोग है जिससे व्यक्ति अल्प आयु में ग्रसित हो गये हैं, वह है दृष्टिदोष यानि आयसाइट का कमजोर होना ।

यह देखा गया है कि लोग के लिए आंखों की परेशानी सामान्य हो चुकी है।

कई लोग आयसाइट को रोग ही नहीं मानते हैं। क्योंकि यह हर दूसरे व्यक्ति की आंखों में सामान्य रुप से नजर आ जायेगी। लेकिन इस रोग को नजरअंदाज करना, गंभीर बीमारी हो सकता है।

अक्सर सही पोषण न मिलने की वजह से यह आयु के साथ बढ़ता ही जाता है। या इससे आंखों की अन्य रोग पैदा हो जाते हैं। यदि व्यक्ति समय में आयसाइट के लक्षणों को पहचान जाए, फिर यह रोग शुरु ही नहीं होगा।

किसी वस्तु को पढ़ने में परेशानी

आपको किताब या सड़क के किनारे लगे साइन बोर्ड या किसी भी अक्षर को पढ़ने में परेशानी हो रही है तो यह लक्षण संकेत कर रहे हैं आपके कमजोर आंखों की ओर। यदि समय पर डॉक्टर से जांच करवा ली जाए, तो यह कुछ हद तक कम हो सकती है।

इलेक्ट्रॉनिक की बुरी लत के कारण

यदि आप बिना रुके लैपटॉप या मोबाइल में कार्य कर रहे हैं तो यह आंखों के लिये सही नहीं है। ऐसा करना आंखों की रोशनी को क्षीण करना होगा। कई बार बिना रुके लैपटॉप पर काम करने पर, धुंधला दिखाई देता है। जो आइसाइड खराब का शुरुआती स्टेज है। आप चाहे लैपटॉप से बीच में ब्रेक भी लें।  ऐसा करना आइसाइड को सुरक्षित रखना होगा।

आंखों में सूखापन (ड्राई आई सिंड्रोम) की समस्या

क्या आपके आंखों में पर्याप्त आंसू या नमी का निर्माण नहीं हो रहा है। यदि यह सही है तो आप ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। यह रोग कनेक्टिव टिशू के डिसऑर्डर होने से पैदा होता है।  आप चाहे तो आंखों में बार-बार पानी का छिड़काव करें, या समय रहते डॉक्टर की सलाह लें। अक्सर नजरअंदाज करने पर अंधेपन की समस्या हो सकती है।

दृष्टि में अस्पष्टता आना

कई बार लोग वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाते। जो आंखों के लिए नुकसानदेह के साथ अन्य रोग के उत्पन्न होने का खतरा हो जाता है। सही समय पर चिकित्सक से सलाह लेना उचित रहेगा।

आंखों से बार-बार पानी का आना

मोबाईल को लगातार देखना, आंखों की रोशनी को कमजोर कर सकता है। जिससे आंखों से पानी आना शुरु हो जाता है। कई बार आंखों से पानी आना, मोबाइल का इस्तेमाल ना करने के बाद भी बन्द नहीं होता। जो आंखों के लिए काफी नुकसानदेह है।ऐसे में आपको डॉक्टर से सही आइड्रॉप या आसन करने चाहिए।

इस तरह कोई व्यक्ति इन लक्षणों से खराब हो रही आयसाइट की जांच कर सकता है। मगर ध्यान रहे आप समय पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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सेहत

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