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लड़कियों के किस पोज़ की धूम मची है सोशल मीडिया पर ?

आधुनिक युग की लड़कियां कुछ भी कर सकती हैं. जब से सोशल मीडिया नामक कीड़ा इस समाज में आया है तब से लड़कियां और भी फ्री हो गई हैं. वो अपने बारे में खुलकर बात करती हैं और कुछ भी फोटो डालती हैं. सोशल मीडिया के ज़रिए लड़कियां लोगों को ये जाताना नहीं भूलतीं कि वो किसी से कम नहीं हैं. चाहे कपड़ों की बता हो या फिर स्टाइल की लड़कियां हर तरह से अब सोशल मीडिया पर धूम मचा रही हैं.

कुछ दिनों से लड़कियों की एक पोज़ सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह से वायरल हो रही है कि आम लड़कियों से लेकर सेलेब तक इस पोज़ को जमकर मार रहे हिना उर सोशल मीडिया पर फोटो लगा रहे हैं. खासतौर पर आम लड़कियों को घरों में बहुत तरह की बंदिश होती है. बचपन से ही उन्हें लड़कों से अलग पाला जाता है और कई तरह की बातें सिखाई जाती हैं.

 

लड़कियों की माँ उन्हें ओस्फे पर दोनों पैर नीचे करके बैठने से लेकर किसी मेहमान के आ जाने पर कम बोलने, खेलने कूदने नाचने और तो और किसी लड़के के घर पर आ जाने से उन्हें कमरे से बाहर निकालने के लिए मन करती हैं. हर माँ अपनी बेटी को समझाती है की जब भी कोई गैर मर्द उनके घर आए या पापा और दादा जी गहर में हों तो लकड़ियाँ स्कर्ट पहनने से बचें और अगर पहनी भी हैं तो नीचे स्लैक्स पहनें और पैरों को फैलाएं नहीं. इससे उनकी इज्ज़त पर असर पड़ता है. माँ कहती है कि लड़कियों को लज्जा में रहना चाहिए. इसी में उनकी भालिया है. कल को उन्हें दूसरे के घर जाना है. ऐसे में ससुराल से किसी तरह की शिकायत नहीं आनी चाहिए.

कुछ दिनों से #Womanspreading के नाम से एक कैंपेन सोशल साइट पर काफी एक्टिव है. इसमें  लड़कियां पैर फैलाकर पोज़ कर रही हैं. इस तरह की तस्वीरों को काफी अच्छे रिएक्शन मिल रहे हैं. #MeToo के बाद एक बार फिर से अलग अंदाज़ में सोशल मीडिया पर बराबरी के लिए आवाज़ उठा रही हैं.

ये पोज़ खासतौर पर लड़कियां इसलिए कर रही हैं क्योंकि उन्हें बचपन से पैर को समेटकर बैठने उठने और लड़कों को किसी भी तरह से बैठने उठाने की आज़ादी होती है. अब लड़कियां इस ज़ंजीर को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं. कॉलेज गोइंग से लेकर नौकरी पेशा वाली लड़कियां इस तरह के पोज़ से ये जताने की कोशिश कर रही हैं कि अकहिर क्यों उन्हें ही इस समाज की सारी बेड़ियाँ पहनाई जाती हैं. आखिर उनकी गलती क्या है. क्यों लड़के किसी भी तरह से हंस बोल सकते हैं लेकिन लड़कियां नहीं.

लड़कियों की ये पोज़ उन माता पिता के लिए भी ज़रूरी है जो अपनी बच्चियों को बचपन से ही इतना दबा देते हैं की आगे यही लड़कियां बहुत संघर्ष करती हैं और अपने ऊपर हर तरह के अत्याचार को सहती हैं. लड़कियों के इस पोज़ को एक क्रांति की तरह लिया जा रहा है. लड़के भी इसका सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन कुछ मर्द इसके सख्त खिलाफ हैं.

अब कोई नाराज़ हो या खुश लेकिन लड़कियों ने ये पोज़ देकर अपनी मंशा तो जाता ही दी है.

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