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हिन्दू क्यों लगाते हैं माथे पर टीका

माथे पर टीका

माथे पर टीका – हमारी संस्कृति हमारे रीति – रिवाज हमारी पहचान है दुनियाभर में हम कहीं भी चले जाए ।

लेकिन हमारी संस्कृति सभ्यता हमें हमारे देश  से जोङे रखती है और लोगों के बीच हमें अलग पहचान भी देती है। जिस वजह से हर व्यक्ति के लिए उसकी संस्कृति से जुङे रीति रिवाज बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। लेकिन ये भी सच है कि इन रीति रिवाज का कोई न कोई धार्मिक महत्व भी जरुर होता है।और जैसा कि हम सब जानते हैं हिन्दु धर्म में बहुत से ऐसे रीति रिवाज निभाए जाते हैं जिनका धार्मिक महत्व तो होता ही है साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी है। जिसे विज्ञान भी मानता है  ।

हिंदू धर्म में टीका लगाने की प्रथा सबसे साधारण है हालांकि इसका महत्व साधारण नही है । हर पूजा पाठ के बाद या फिर मंदिर में भगवान के दर्शन के बाद टीका लगाने की प्रथा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि टीका आखिर क्यों लगाया जाता है । तो चलिए आपको बताते हैं इस प्रथा के महत्व के बारे में ।

माथे पर टीका लगाने का धार्मिक महत्व

दरअसल हिंदु धर्म में टीका शुभता का प्रतीक माना जाता है । क्योंकि इसे ईश्वर का आर्शीवाद माना जाता है । प्राचीन काल में रानियाँ राजा को टीका लगाकर ही युद्ध के लिए भेजती थी। क्योंकि टीका लगाने से शरीर में एक सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। जो मनुष्य को उसके काम को करने में साहस और हिम्मत देती है।

माना जाता है कि तिलक लगाने से मन शांत रहता है और मन में गंदे विचार भी नहीं आते । जिस वजह से मनुष्य का मन पूजा पाठ में लगा रहता है ।

टीका लगाने से कुंडली में आए किसी भी ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख शांति बनी रहती है।

माथे पर टीका लगाने का वैज्ञानिक मह्त्व

टीका लगाने से वैज्ञानिक मानते हैं कि माथे की पिटयूटरी ग्लैण्ड्ज तेजी से सक्रिय होती है और शरीर से आलस्य भी दूर होता है।

योग करने से कई लोग टीका लगाते लगाते हैं क्योंकि टीका लगाने से एक जगह ध्यान लगाने में सहायता मिलती है। जिसे मेडिटेशन करने में आसानी होती है ।

माथे पर टीका लगाने की विभिन्न प्रथाएं

वैसे आपको बता दें भारत में हर जगह अलग अलग तरह से टीका लगाया जाता है जैसे साउथ में सफेद टीका माथे पर होरिजोंटल में लगाया जाता है। जबकि नार्थ इंडिया में लाल टीका कई जगह सीधा लगाया जाता है।

माथे पर टीका – तो शहरों में लोग गोलाकार में टीका लगाते हैं। वही पहाङी राज्यों में शादीशुदा महिलाओं के नाक से लेकर माथे से होते मांग तक टीका लगाया जाता है।