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हनुमानजी के वाहन और उनके अस्त्र-शस्त्र के बारे में आप कितना जानते हैं !

हनुमानजी के अस्त्र शस्त्र और वाहन

हनुमानजी के अस्त्र शस्त्र और वाहन – रामभक्त हनुमान बेहद शक्तिशाली हैं इसलिए उन्हें महाबली कहा जाता है उनकी गति हवा से भी तेज़ है इसलिए उनके पवनपुत्र कहा जाता है.

आपने अक्सर हनुमानजी को अपने हाथ में गदा लेकर हवा में उड़ते हुए देखा होगा.

वैसे हनुमानजी के अधिकांश भक्त तो बस यही जानते हैं कि गदा ही उनका  एकमात्र अस्त्र-शस्त्र है जिसे वो हमेशा अपने साथ लिए घूमते हैं और वो बिना किसी वाहन के हवा में उड़ते हैं.

लेकिन यहां आज हनुमानजी के भक्तों से एक सवाल है कि गदा के अलावा हनुमानजी के पास कितने अस्त्र-शस्त्र हैं और उनका वाहन क्या है.

हम जानते हैं कि आपमें से कुछ ही हनुमान भक्त ऐसे हैं जिन्हें इस सवाल का सही जवाब पता है लेकिन अधिकांश भक्त ऐसे भी हैं जिन्हें इस सवाल का जवाब मालूम नहीं हैं. इसलिए हम आपको इस लेख के ज़रिए हनुमानजी के अस्त्र शस्त्र और वाहन के बारे में भी बताने जा रहे हैं.

हनुमानजी के अस्त्र शस्त्र और वाहन

हनुमानजी का वाहन है पवन

हनुमानजी इतने ज्यादा वेगवान है कि उनके वेग की तुलना कोई और कर ही नहीं सकता. ऐसे में भला हनुमानजी का वाहन क्या हो सकता है. दरअसल इसका जवाब ‘हनुमतसहस्त्रनामस्तोत्र’ के 72वें श्‍लोक में मिलता है जहां वायुवाहन का जिक्र किया गया है. जिसके अनुसार वायु यानि पवन ही उनका वाहन है.

कहा जाता है कि एक बार हनुमानजी ने श्रीराम और लक्ष्मण को अपने कंधे पर बिठाकर उड़ान भरी थी. ऐसे में हनुमानजी को वहन करने की शक्ति किसी में नहीं थी. इतना ही नहीं एक बार हनुमानजी द्रोणाचल पर्वत को उखाड़कर क्षणभर में लंका ले गए और उसे रात में यथास्थान रख भी आए. उनके इस वेग से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पवनपुत्र हनुमान के वेग का वहन स्वयं पवन ही कर सकते हैं.

महाबली हनुमान के अस्त्र-शस्त्र

महाबली रामभक्त श्री हनुमानजी के अस्त्र-शस्त्रों में पहला स्थान उनकी गदा का है. लेकिन यहां आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ गदा के साथ दिखनेवाले महाबली हनुमान दस आयुध यानि अस्त्र-शस्त्र धारण करनेवाले देवता हैं.

दस आयुधों कों धारण करने के बावजूद हनुमानजी ने अपना सारा जीवन प्रभू श्रीराम की सेवा में लगा दिया. कहा जाता है कि हनुमानजी वज्रांग हैं. यम ने उन्हें अपने दंड से अभयदान दिया है तो कुबेर ने गदाघात से अप्रभावित होने का वर दिया है. जबकि स्वयं भगवान शंकर ने हनुमानजी को शूल एवं पाशुपत आदि अस्त्रों से अभय होने का वरदान दिया था.

हिंदू धर्म के शास्त्रों में हनुमानजी को दस आयुधों यानि अस्त्र-शस्त्रों से अलंकृत कहा गया है. हनुमानजी के 10 अस्त्र-शस्त्रों में खड्ग, त्रिशूल, खट्वांग, पाश, पर्वत, अंकुश, स्तम्भ, मुष्टि, गदा और वृक्ष शामिल हैं.

हनुमानजी के बायें हाथ को गदा से युक्त कहा गया है. बताया जाता है कि जब लक्ष्मण और रावण के बीच युद्ध हो रहा था तभी हनुमानजी ने रावण के साथ युद्ध करने के लिए गदा का उपयोग किया था और अपने गदा के प्रहार से उन्होंने रावण के रथ को खंडित किया था.

स्कंदपुराण में हनुमानजी को वज्रायुध धारण करने वाला कहकर नमस्कार किया गया है. उनके हाथ में वज्र सदा विराजमान रहता है. अशोक वाटिका में हनुमानजी ने राक्षसों के संहार के लिए वृक्ष की डाली का उपयोग किया था. हनुमान जी का एक अस्त्र उनकी पूंछ भी है. अपनी मुष्टिप्रहार से उन्होंने कई दुष्‍टों का संहार किया है.

गौरतलब है कि हनुमानजी के जिन भक्तों को हनुमानजी के अस्त्र शस्त्र और वाहन के बारे में नहीं पता था इस लेख के ज़रिए अब वो भी महाबली हनुमान के वाहन और गदा के अलावा दूसरे अस्त्र-शस्त्रों के बारे में जान ही गए होंगें.

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