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इस मंदिर में स्टंप पेपर पर अर्जी देने से मिलता है न्याय !

गोलू देवता का मंदिर

गोलू देवता का मंदिर – हजारो लोगो की इस दुनिया में बहुत सी चीजों के वैज्ञानिको ने लाॅजिक ढूँढ निकाले है तो बहुत सी चीजे आज भी विज्ञान के लिए भी पहेली है और जब बात भारत की हो तो आपकी सोच के आगे एक प्रश्न चिह्न लग जाता है।

विभिन्न सभ्यता वाले इस देश में कई चीजे ऐसी है जिन पर विश्वास करना मुश्किल है लेकिन उनकी आस्था उनके होने का प्रमाण देती है।जैसे कि  हम हमारा हक लेने के लिए अपने अधिकारों के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाते है । लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसी जगह भी है जहाँ स्टंप पेपर पर अर्जी लिखकर बांधने से न्याय मिलता है। और आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है ।

गोलू देवता का मंदिर

जी हां भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित अल्मोङा में गोलू देवता का मंदिर है, जो कि चैत्य गोलू देवता के नाम से मशहूर है । गोलू देवता भगवान शिव के एक रूप भरैव का अवतार है। जिन्हें न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। इतिहास के अनुसार गोलू देवता अल्मोङा के राजा थे जिन्हें भगवान भैरव का अवतार माना जाता था। गोलू देवता और उनकी मां को अपने जीवन में  उनकी सौतली मांओ के कारण बहुत कष्ट झेलना पङा । जिस वजह से गोलू देवता ने अपने शासनकाल में कभी किसी पर अन्याय नही होने दिया ।

और तभी से इस मंदिर में स्टंप पेपर की प्रथा शुरू हुई।

बाहर से दिखने में ये गोलू देवता का मंदिर जरुर साधारण मंदिरों जैसा दिखे लेकिन मंदिर के दरवाजे के अंदर पैर रखते ही आपको एक अदभुत दृश्य का अनुमान होगा। चारो तरफ हजारों की तादाद में सुंदर सुंदर मंदिर की घंटियां  और स्टंप पर लिखकर बांधी हुई हजारों अर्जियां मिलेगी – माना जाता है कि इस जिस व्यक्ति को न्याय नहीं मिलता वो यहाँ गोलू देवता के मंदिर में आकर अर्जी लिखकर बांध सकता है।

अब आपको लग रहा है कि जरुरी तो नही स्टंप पेपर लिखकर बांधी इच्छा पूरी भी हो ।

शायद और कोई जगह होती तो आपको इस बात का सबूत देना मुश्किल होता। लेकिन गोलू देवता का मंदिर जिसमें हर चीज का प्रमाण है. यहाँ हजारों की तादाद में बंधी सुंदर घंटियां यहां लोगो को मिले न्याय का प्रतीक है । जो भी यहां न्याय मांगने आता है या किसी इच्छा पूर्ति के लिए आता है। इच्छा पूरी होने पर उन्हें  यहां घंटियां घंटियां चढानी होती है ।

ऐसा है गोलू देवता का मंदिर – इसलिए जो भी यहाँ न्याय मांगने आता है, न्याय मिलने के बाद मंदिर में घंटी जरुर चढता है। अब आप ही सोचिए क्या ये यहां आने वाले लोगों का अंधविश्वास है या आस्था मे छिपी कोई ताकत । जिसके अस्तित्व का जवाब विज्ञान के पास भी नहीं है।

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