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भिखारी मुक्त भारत की शुरूआत करने वाला ये है देश का पहला राज्य !

पहला भिखारी मुक्त राज्य

जो लोग भी देश को भिखारी मुक्त बनाने का सपना देख रहे हैं उनके लिए एक अच्छी गोवा से आई है.

गोवा देश का पहला भिखारी मुक्त राज्य बनने जा रहा है. हाल में गोवा के मुख्यमंत्री बने मनोहर पर्रिकर ने इस साहसिक कदम की शुरूआत की है.

उन्होंने गोवा सरकार के बजट भाषण के दौरान विधान सभा मे कहा कि गोवा को भारत का पहला भिखारी मुक्त राज्य बनाने का प्रयास किया जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में गोवा के सार्वजनिक स्थलों पर आपको एक भी भिखारी भीख मांगता नजर नहीं आएगा.

आपको बता दें कि गोवा ही नहीं बल्कि पूरे भारत की जनता को विश्वास है कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर में वो काबिलियत है कि वो इस काम को बाखूबी अंजाम तक पहुंचा सकते हैं. क्योंकि इसके पहले भी उन्होंने जितने काम अपने हाथ में लिए उन सबको बड़ी ही कुशलता से अंजाम तक पहुंचाया है.

पहला भिखारी मुक्त राज्य

ऐसा नहीं है कि गोवा के मुख्यमंत्री ने विधान सभा में ये कोई हवा हवाई घोषणा की है और वो पहला भिखारी मुक्त राज्य बनाने के लिए सभी भिखारियों को रातोंरात गोवा की सड़को से हटा देंगे. ऐसा भी नहीं है कि वो भिखारियों को पकड़कर जेलों में बंद कर देंगे या फिर पुलिस से पकड़वाकर गोवा की राज्य सीमा के बाहर फेंकवा देंगे. मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के पास भिखारियों की समस्या से गोवा की जनता को निजात दिलाने की एक पूरी योजना है.

पर्रिकर ने गोवा विधानसभा में इसका खुलासा भी किया है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भिखारियों के लिए एक पूर्ण पुनर्वास केंद्र और बेसहारा लोगों के लिए पुनर्वास केंद्र बनाएगी ताकि उनका समुचित तरीके से पुर्नावास किया जा सके.

क्योंकि पर्रिकर जान रहे होंगे कि यदि सरकार ने इनके पुर्नावास की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की तो इनके सामने जीवन यापन की समस्या खड़ी हो जाएगी. और अंत में ये मजबूर होकर दोबारा सड़को पर  आकर भीख मांगने लगेंगे.

अगर उस वक्त इनके साथ कोई सख्ती या जोरजबरस्ती की तो मामला मानवाधिकार आयोग तक जा पहंचेगा. ऐसे मामलों आजीविका का सवाल होने के कारण न्यायालय भी सरकार के पक्ष में कोई फैसला नहीं दे पाएगा. और उस स्थिति में सरकार की इस दूरगामी योजना पर ब्रेक लग जाएगा.

इसलिए भिखारियों को गोवा की सड़को से हटाने के साथ साथ इनके स्थाई पुर्नावास या रोगगार की व्यवस्था करना भी बहुत आवश्यक है.

गौरतलब हो कि गोवा ही देश के कई शहरों में भिखारियों की संख्या दिनोंदिन तेजी से बढ़ रही है. उच्च प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य होने के बावजूद गोवा में भिखारियों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है.

इस तरह से गोवा देश का पहला भिखारी मुक्त राज्य बनाने जा रहा है. इसलिए समस्या की जड़ और असल कारण का समाधान करने का समय अब आ गया है. इसके लिए बाकी राज्यों को भी गोवा की तर्ज पर अपने राज्यों को भी भिखारी मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में पहल करनी चाहिए.

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