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अहिंसा के पुजारी गांधी जी थे इस खेल के दीवाने, जानकर हैरान रह जाएंगे

गांधी जयंती

आज गांधी जयंती के मौके पर हर कोई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद कर रहा है. अपने अहिंसा के हथियार से देश को आज़ादी दिलाने वाले गांधी के देश प्रेम और अहिंसा के बारे में तो सब जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अहिंसा के पुजारी गांधी जी खिलाड़ी भी थे और उनका पसंदीदा खेल था क्रिकेट.

ये तो सब जानते हैं कि महात्मा गांधी बचपन से ही कसरत बिल्कुल पसंद नहीं थी, लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं कि वो क्रिकेट के दीवाने थे. ‘महात्मा ऑन द पीच: गांधी एंड क्रिक्रेट इन इंडिया’ नाम की एक किताब में गांधी के क्रिकेट प्रेम का ज़िक्र है.

कौशिक बंदोपाध्याय की इस किताब में महात्मा गांधी के जुनून को बयां किया गया है. उनके बचपन के एक दोस्त के मुताबिक, न सिर्फ गांधी जी को क्रिकेट पसंद थी, बल्कि उनपर क्रिकेट की धुन सवार रहती थी.

हाईस्कूल में गांधीजी के क्लासमेट रहे रतीलाल गेलाभाई मेहता ने उन्हें शानदार क्रिक्रेटर करार देते हुए कहा, ‘कई बार हमने साथ क्रिक्रेट खेला है और मुझे याद है कि वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ही अच्छे थे. वैसे उन्हें स्कूल में फिज़िकल एक्टिविटी बिल्कुल पसंद था.’

उनके दोस्त ने एक वाकये का जिक्र करते हुए बताया, ‘एक बार हम दोनों एक क्रिक्रेट मैच देख रहे थे. उन दिनों राजकोट सिटी और राजकोट सदर की टीमों में जोरदार टक्कर होती थी. मैच में एक अहम मोड़ पर, गांधीजी ने कुछ सोचकर कहा कि फलां खिलाड़ी आउट होगा और वाकई वह आउट हो गया.’ कौशिक बंदोपाध्याय की किताब की शुरुआत ही गांधी जी के क्रिकेट के प्रति जुनून से होती है और भारत में क्रिक्रेट के विकास के बारे में बताया गया है.

गांधी जयंती – आमतौर पर लोग उस गांधी को जानते हैं जो हमेशा देश की आजादी के लिए प्रयासरत रहे, जिन्होंने हर किसी को अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया. गांधी के इस रूप से कम ही लोग परिचित है और उनके क्रिकेट प्रेम के बारे में भी लोगों को जानकारी नहीं है.

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