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१०० साल पुरानी फीमेल बॉडी बिल्डर्स की अमेजिंग तस्वीरें

फीमेल बॉडी बिल्डर्स की तसवीरें

फीमेल बॉडी बिल्डर्स की तसवीरें – लड़कियों को छुई-मुई की संज्ञा दी जाती है.

इसका मतलब ये हुआ कि लड़कियां लड़कों जैसी मज़बूत और बॉडी बिल्डर नहीं हो सकतीं.

वो सिर्फ खूबसूरती की प्रतियोगिता में भाग ले सकती हैं. उन्हें भगवान ने लड़की बनाया है इसलिए वो सुंदर तो दिख सकती हैं लेकिन ऐसी किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकतीं, जिसमें मजबूती की नुमाइश करनी हो.

भले ही आज लड़कियां जिम जाकर फिट रहने की कोशिश करती हैं, लेकिन बहुत कम ही लकड़ियाँ हैं, जो बॉडी बिल्डिंग में भाग लेती हैं. बहुत ही कम लड़कियों को आपने देखा होगा, जो बॉडी बिल्डिंग में करियर बनाना चाहती हों, लेकिन आज से १०० साल पहले ही फीमेल बॉडी बिल्डर्स की प्रतियोगिता की शुरुआत हो चुकी थी और लड़कियां इसमें भाग लेती थीं.

फीमेल बॉडी बिल्डर्स की तसवीरें –

आमतौर पर ये सब लड़कों के लिए माना गया है.

बॉडी बिल्डिंग तो लड़कों का काम है. कौन सा लड़कियों को किसी से फाइटिंग करनी है जो उन्हें अपनी बॉडी बनानी हो, लेकिन क्या आप जानती हैं कि सालों पहले की लड़कियां ऐसा करती थीं? जी हाँ, लगभग १०० साल पहले की लड़कियां इसे बतौर करियर चुनती थीं.

उन्हें बॉडी बनाने में गर्व होता था. जिम में जाकर डम्बल उठाने से लेकर बिकनी पहनकर स्टेज पर बॉडी बिल्डिंग की प्रतियोगिता में भी वो भाग लेती थीं.

ज़माना भले ही पुराना था, लेकिन लड़कियां उस समय की ज्यादा जागरूक थीं.

फैशन के मामले में वो बहुत आगे थीं. उन्हें पता था कि वो लड़कों के किसी भी कम को कर सकती हैं. 1970 के फ़ेमिनिस्ट मूवमेंट के बाद 1978 में पहली बार महिलाओं के बॉडी बिल्डिंग की शुरुआत हुई. धीरे धीरे इसमें महिलाएं आना शुरू हुईं. किसी को एहसास भी नहीं था कि महिलाएं इसमें शामिल होंगी, लेकिन महिलाओं के उत्साह ने सबको हैरान कर दिया.

खूबसूरती के साथ ही आप इस मॉडल के बॉडी को गौर से देखिए.

बिलकुल परफेक्ट और ऐसा लगता है कि किसी भी पुरुष को मात देने के लिए ये तैयार हैं. इस पोज़ से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि तब की महिलओं में बॉडी बिल्डिंग को लेकर किस तरह का क्रेज़ रहा होगा.

आज भी लोगों को लगता है कि ताकत का काम सिर्फ़ और सिर्फ़ पुरुष ही कर सकते हैं.

चाहे एक डिब्बे का ढक्कन खोलना हो, या फिर कोई भारी सामान उठाना, हर बात के लिए औरतें पुरुषों को ही बुलाती हैं. इसका मतलब ये हुआ कि महिलाएं खुद ही पहले हथियार डाल देती हैं. उन्हें ये लग जाता है कि ये काम उनके बस का नहीं है. वो केवल लिपस्टिक बिंदी लगाकर पार्टी में स्टाइल मार सकती हैं. इस फोटो को देखकर महिलाओं को आजकल की लड़कियों को आश्चर्य ज़रूर होगा. आज इतनी आज़ादी पाने के बाद भी लड़कियां मेकअप से ऊपर उठ ही नहीं पातीं.

वो इतनी कोमल हो गई हैं की अपनी सुरक्षा तक नहीं कर पातीं.

इस तरह की बॉडी आजतक आपने पुरुषों की ही देखी होगी. ये फोटो अपने आप में बहुत कुछ कहती हैं.

उस समय जब भारत में महिलाओं को घर की चौखट और घूँघट से निकलने की आज़ादी नहीं थी, उस समय दुनिया की महिलाएं कुछ इस तरह से दुनिया में अपना परचम फहरा रही थी.

ये है फीमेल बॉडी बिल्डर्स की तसवीरें – उस ज़माने में ऐसी महिलाओं को अवार्ड भी दिए जाते थे. इन फ़ोटोज़ को देखिए और अपने सेफ ज़ोन से बाहर आइए. दुनिया में बहुत कुछ है करने को.

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