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एक बाप ने अपने बच्चों का पेट भरने के लिए अपनी किड्नी बेचने का फ़ैसला कर लिया!

Obese-Kids--Cover-Photo

दुनिया में एक ओर जहाँ भुखमरी छाई है और लोग दाने दाने को मोहताज हुए जा रहे हैं, वहीं ये कहानी ज़रा सोच में डाल देती है!

गुजरात के रहने वाले नंदवाना परिवार की ये कहानी बड़ी ही अजीब है!

रमेश भाई और प्रगना अपने चार बच्चों के साथ रहते हैं! रमेश भाई और प्रगना, दोनों की कद काठी, वज़न और खान-पान बिल्कुल सामान्य है, और उन के सब से बड़ी बच्ची का भी!

लेकिन उन के बाक़ी के तीनों बच्चे बड़े ही असामान्य तरीके से मोटे हैं! सब से छोटी योगिता केवल 18 महीने की है लेकिन उस का वज़न अभी से तक़रीबन 15 किलो है, जो कि इतने छोटे बच्चे के लिए बेहद असामान्य बात है! उस से बड़ी अनीषा 3 साल की है और वो तक़रीबन 35 किलो की है! उस से भी बड़े हैं साढ़े चार साल के हर्ष, जो की मशीन पर चढ़ कर 48 किलो का आँकड़ा दिखाते हैं!

हो गये ना आप भी हैरान परेशान?

दरअसल ये तीनों बच्चे एक अनोखी बीमारी का शिकार हैं जो की एक जेनेटिक दुष्प्रभाव का परिणाम है, जिसे प्रदर विली सिंड्रोम (PWS) कहते हैं!

जहाँ अमेरिका जैसे देश में बालवस्था का मोटापा एक एपिडेमिक बनता जा रहा है, वहीं भारत जैसे देश में, एक ग़रीब घर के बच्चों के बारे में ऐसा किस्सा सुनना ज़रा अजीब लगता है!

इसीलिए, इन बच्चों के पिता, रमेश भाई, जुटे हुए हैं इस परेशानी का हल निकालने में और अपने प्यारे बच्चों की हर मुमकिन मदद करने में!

इस बीमारी के चलते, तीनों बच्चे अनियमित और असाधारण भूख का शिकार रहते हैं और हर वक़्त खाना माँगते हैं! बच्चों की मासपेशियाँ बेहद कमज़ोर हैं, उन का व्यवहार भी नॉर्मल बच्चों की तरह नहीं रहता, शरीर की संरचना ख़तरनाक तरीके से बढ़ रही है, मगर दिमाग़ का विकास उतना नहीं हो पा रहा है, जिस वजह से उनकी शिक्षा पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है!

अपने इन बच्चों की देखभाल करने और उन के लिए आहार जुटाने में ही रमेश और प्रगना की पूरी जान निकल जाती है! प्रज्ञा का पूरा दिन बच्चों को खाना खिलाने और उन्हें शौच आदि करवाने में ही निकलता है! प्रज्ञा का कहना है कि अपने बच्चों को गोद में उठा पाना उन के लिए नामुमकिन है! बच्चे चल भी नहीं पाते ठीक से, इस लिए उन्हें बाथरूम ले कर जाना काफ़ी दिक्कत भरा काम होता है!

रमेश भाई की आमदनी भी कुछ ख़ास नहीं है, इस लिए उन्होने अपने बच्चों का पेट पालने के लिए अपनी किड्नी बेचने का फ़ैसला कर लिया है!

Obese-Kids--with-food

जितने खाने में एक आम गाँव का कुनबा पेट भरा हुआ रह सकता है पूरे एक हफ़्ते के लिए, उतना खाना ये तीन बच्चे मिल कर सिर्फ़ एक दिन में खा जाते हैं! हर एक घंटे में खाना माँगते हैं ये बच्चे!

अब बेचारे रमेश भाई और प्रगना करें तो क्या करें!

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