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मलटीनेशनल कंपनी ने 6 सप्ताह तक छुट्टी लेने पर 236 इंजीनियरों को किया फायर

नौकरी से छुट्टी

नौकरी से छुट्टी – दो महीने के बाद नया साल लग जाएगा।

सबके प्लान्स बन गए होंगे। कोई अपनी फैमिली के साथ घूमने जा रहा होगा तो कोई अपने दोस्तों के साथ गोवा जाने का प्लान बना चुका होगा। कुछ ऐसे ही प्लान्स इन 236 इंजीनियरों के बन गए थे जिसके लिए छुट्टी लेने के लिए इन्होंने अपनी कंपनी में एप्लाई भी कर दिया था। लेकिन कंपनी ने इन्हें नौकरी से ही निकाल दिया गया। नौकरी से छुट्टी हो गई.

नौकरी से छुट्टी –

नौकरी से छुट्टी

ऑटो कंपनी ने किया ऐसा

ऑटो एनसलरी कंपनी जेडएफ स्टयरिंग गियर ने ऐसा किया है। इस कंपनी ने 6 सप्ताह तक छुट्टी लेने वाले 236 कर्मचारियों को एक साथ नौकरी से निकाल दिया। इससे पहले की ये कर्मचारी, कंपनी के खिलाफ मीडिया में कुछ बोलते उससे पहले ही कंपनी ने इसकी जानकारी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये इंजिनियर बिना पूर्व सूचना के छुट्टी पर चले गए थे।
जब कंपनी ने इतनी बड़ी तादाद में कर्मचारियों के अचानक छुट्टी पर जाने की जांच की तो कंपनी को मालूम समूह में शामिल इन इंजिनियरों के गलत आचरण की जानकारी हुई। इसके बाद ही कंपनी ने इन सारे इंजीनियरों को एक साथ नौकरी से हटाने का फैसला किया।

दी एक्जिट राशि

कंपनी ने एक साथ 236 इंजीनियरों को एक्जिट राशि देकर बाहर निकाला है। कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार, सारे इंजीनियर्स के बकाये का भुगतान कर दिया गया है। कंपनी ने बीएसई को बताया कि कंपनी से निकाले गए सभी इंजिनियरों को कानूनी प्रावधानों के मुताबिक बकाया राशि दे दी गई है।

नहीं पड़ा प्रोडक्शन पर कोई असर

दस लोग जब एक साथ कंपनी को छोड़ते हैं तो कंपनी के प्रोडक्शन पर आफत आ जाती है। लेकिन इतनी बड़ी तादाद में एक साथ इंजीनियर्स को निकालने से भी कंपनी के उत्पादन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। निकाले गए इंजीनियर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

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ली थी 2 दिसंबर से 19 जनवरी तक की छुट्टी

इस कंपनी के 236 कर्मचारियों ने 6 सप्ताह तक की छुट्टी लीथी। बीएसई को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है कि हमने इंजिनियरों के एक समूह के पूर्व सूचना एवं पर्याप्त कारण के बगैर 2 दिसंबर 2017 से 19 जनवरी 2018 तक सामूहिक अवकाश पर चले जाने की सूचना पहले भी दी थी। यह एक तरह का गलत आचरण कंपनी को लगा जिसके बाद बाद कंपनी ने जांच शुरू की और उन कर्मचारियों के खिलाफ लगे गलत आचरण के आरोपों की जांच के लिए एक इन्क्वायरी ऑफिसर की नियुक्ती की गई।

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कमेटी बनी

236 इंजीनियरों की जांच के लिए कंपनी ने बकायता एक कमेटी बनाई थी। कंपनी का कहना है कि “जांच का काम निष्पक्ष एवं न्यायपूर्ण तरीके से के सभी सिद्धातों के मद्देनजर पूरा हुआ। इस जांच में संबंधित कर्मचारियों को गलत वर्ताव का दोषी पाया गया।”

कमेटी में शामिल कई लोगों ने इंजीनियरों से कई दौर की बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। जिसके बाद कंपनी ने 236 कर्मचारियों को 26-27 अक्टूबर 2018 से नौकरी से बर्खास्त करने का फैसला किया।

नौकरी से छुट्टी – कंपनी ने इन कर्मचारियों अंत में निकाल दिया। ये एक साहसी फैसला है। क्योंकि इतनी बड़ी तादाद में कर्मचारियों को निकालने का रिस्क कोई कंपनी नहीं ले सकती।

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