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किस तरह से मोमोज़ बिगाड़ रहे हैं “स्वस्थ भारत” का सपना !

मोमोज़ खाने के नुकशान

नूडल्‍स और पिज्‍जा के बाद आज के यंगस्‍टर्स सबसे ज्‍यादा मोमोज़ खाना पसंद करते हैं।

मोमोज़ तो नूडल्‍स और पिज्‍जा से भी ज्‍यादा खाया जाता है। सस्‍ता होने के कारण हर कोई भूख मिटाने के लिए मोमोज़ को बढिया ऑप्‍शन मानता है। बच्‍चों में इसकी डिमांड को देखते हुए हर गली के नुक्‍कड़ पर मोमोज़ के स्‍टॉल लगे हुए हैं। मोमोज़ खाने में तो बहुत टेस्‍टी होते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि ये आपकी सेहत के लिए ज़हर हैं।

जी हां, मैदे से बने मोमोज़ को पकाया नहीं बल्कि स्‍टीम किया जाता है।

मैदा तो वैसे ही शरीर को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में अधपका मैदा शरीर के अंदर तबाही मचा सकता है।

चलिए जानते हैं कि मोमोज़ खाने के नुकशान  -:

मोमोज़ खाने के नुकशान –

–  ज्‍यादा पैसा कमाने के चक्‍कर में मोमोज़ के अंदर सड़ी और बासी सब्जियों की स्‍टफिंग की जाती है। ऐसे मोमोज़ खाने से आपका डाइजेशन खराब हो सकता है और आपको फूड प्‍वॉइ‍ज़निंग भी हो सकती है।

–  मोमोज़ के साथ मिलने वाली सॉस बहुत तीखी होती है। आपको शायद पता नहीं होगा लेकिन ये सॉस गंदी सामग्रियों से बनी होती है जो आपको बीमार कर सकती है।

–  वहीं फ्राइड मोमोज़ खाने से मोटापा बढ़ सकता है। इसलिए मोटे लोगों के लिए तो ये ज़हर की तरह है।

एक फायदा भी है

मोमोज़ खाने से एक गुड हार्मोन एंर्डोफिन रिलीज़ होता है जिससे आप खुशी और संतुष्टि महसूस करते हैं। लेकिन ध्‍यान रहे ये सिर्फ पल भर के लिए होता है। जबकि मोमोज़ आपकी सेहत को लंबे समय के लिए खराब कर सकते हैं।

ये है मोमोज़ खाने के नुकशान – मोमोज़ खाने से सेहत को होने वाले नुकसान के बारे में पता होने के बावजूद यंगस्‍टर्स इसे खाना नहीं छोडत़े। ऐसा लगता है जैसे उन्‍हें मोमोज़ खाने की लत सी लग गई है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो ये मोमोज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘स्‍वस्‍थ भारत’ के सपने को तबाह कर देंगें।

मार्केट में फास्‍ट फूड की जगह हेल्‍दी स्‍नैक्‍स को प्रमोट करने की जरूरत है।

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