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जमीन पर बैठकर खाना खाने से होते हैं ये फायदे

जमीन पर बैठकर खाना

जमीन पर बैठकर खाना – माॅडल लाइफस्टाइल खे चलते है हम अपनी सभ्यता के बहुत से मूल तत्वों को भुलाते जा रहे हैं। क्योंकि हमारा लाइफस्टाइल आजकल हमारी हेल्थ या जिंदगी जीने का तरीका नही बल्कि लोगों के बीच स्टैंडर्ड दिखाने का जरिया बन गया है। जिस वजह से आज के दौर में हर चीज मैनर्स क्लास और स्टैंडर्ड को तवज्जो  दिया जाता है।

जिस वजह से आज के दौर में लोगों को जभीन पर बैठकर खाना तो बिल्कुल पंसद नही आता।

जमीन पर बैठकर खाने से लोगो को शर्मिदगी महसूस होती है। जमीन पर बैठकर खाने से लोगों को लगता है उनके क्लास में कमी आएगी । इसलिए हर किसी के घर में खाना खाने के लिए टेबल कुर्सी मौजूद होते हैं । लेकिन पुराने जमाने में ऋषि मुनि से लेकर राजा महाराजा तक सभी जमीन पर बैठकर खाते थे। और आपको शायद जानकर हैरानी होगी कि जमीन पर बैठकर खाने से हमारे शरीर को बहुत फायदा मिलता है।

जमीन पर बैठकर खाना

जमीन पर जब कोई खाने के लिए जिस मुद्रा में बैठता है तो वो एक आसन होता है। जिसे शरीर के सभी अंग सीधी आवस्था में आ जाते हैं। और अपने काम को बेहतर ढंग से करने लगते हैं

जमीन पर बैठकर खाना खाने से पाचन भी अच्छे से होता है। क्योंकि सीधे पालती मारकर बैठना पाचन के लिए सबसे सही अवस्था मानी जाती है।

जमीन पर बैठकर खाना – इस अवस्था में भोजन का पाचन सही ढंग से होता है।

इस अवस्था में बैठने से पेट के आसपास मौजूद मासंपेशियो और  पेल्सिव  में एक खिंचाव होता है जो शरीर में दर्द की शिकायत को दूर कर देता है।

जमीन पर बैठकर खाना खाने से रीढ की हड्डी भी नेचुरद अवस्था में होती है। जिसे हड्डी को काफी आराम मिलता है। और आपकी पीठ दर्द की शिकायत भी खत्म हो जाती है।

जमीन पर बैठकर खाना खाने से वजन भी संतुलित रहता है। क्योंकि नेचुरद पाचन की आवस्था में बैठने से भोजन  का सही तरह से पाचन होता है जिसे शरीर के मोटे होने का खतरा नही रहता ।

जमीन पर बैठकर खाना खाने से शरीर का पोस्चर भी सुधरता है जिसे आप ओर आकर्षित नजर में आते हैं। साथ ही जमीन पर बैठकर खाना खाने से मन भी शांत रहता है।

इसलिए जमीन पर बैठकर खाना खाने से कभी हिचकिचाइए मत। बल्कि दूसरों को भी अपनी इस परंपरा के लाभ बताइए

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