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दिल्ली की 33 प्रतिशत महिलाएँ रोज़ अपने पति के हाथों मार खाती हैं ! जानिये क्यों !

घरेलू हिंसा

दिल्ली में हर चौथी महिला हररोज़ अपने पति के हाथों पिटती है !

देश की राजधानी दिल्ली में घरेलू हिंसा के मामले में अब तक की सबसे बड़ी वजह का खुलासा हुआ है.

बताया जाता है कि दिलवालों के शहर दिल्ली में हर तीसरी महिला घरेलू हिंसा का शिकार है – अपने पति के हाथों रोज पिटती है.

यहां के मर्द न सिर्फ अपनी पत्नी की पिटाई करते हैं बल्कि उसे शारीरिक और मानसिक रुप से भी टॉर्चर करते हैं. महिलाओं पर हो रही इस घरेलू हिंसा का खुलासा इंडियन जर्नल ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन के नए अंक की एक रिपोर्ट से हुआ है.

आखिर दिल्ली की महिलाएं क्यों अपने पति के हाथों रोज़ मार खाने को मजबूर हैं.

आइए इसके पीछे की पूरी हकीकत जानने की कोशिश करते हैं.

violence

कंडोम की वजह से घरेलू हिंसा 

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के ज्यादातर शादीशुदा मर्द सेफ सेक्स नहीं करना चाहते हैं जबकि कई ऐसे मर्द भी हैं जो कंडोम का इस्तेमाल ही नहीं करना चाहते.

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए जब महिलाएं गर्भ निरोधक गोली का सेवन करना चाहती हैं तो वो उन्हें ऐसा करने से भी मना करते हैं. जब महिलाएं अपने पतियों की इस बात का विरोध करती हैं तो बदले में उन्हे अपने पति के हाथों मार खाना पड़ता है.

500 महिलाओं पर हुआ सर्वे

दिल्ली की करीब 500 औरतों पर एक सर्वे किया गया. जिसमें अलग-अलग तबके की औरतें शामिल हुईं.

इस स्टडी में करीब 46 फीसदी महिलाओं मे बताया कि उनके पति कंडोम का इस्तेमाल ही नहीं करना चाहते. इस वजह से कई महिलाएं अपनी मर्जी के बगैर ही प्रेग्नेंट हो चुकी हैं.

39 फीसदी महिलाओं का कहना था कि उनके पति उनके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाते हैं और गर्भ निरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने पर वो उनके शरीर में सेफ्टी पिन या दूसरी कोई नुकीली चीजें चुभा देते हैं.

23 फीसदी महिलाएं हर रोज मारपीट सहती हैं. जबकि 33 फीसदी महिलाओं को आए दिन सिर्फ कंडोम के इस्तेमाल की वजह से गालियां सुननी पड़ती है.

इस स्टडी से पता चला कि मर्दों की यातनाओं को झेलनेवाली करीब 29 फीसदी महिलाएं पढ़ी-लिखी नहीं थीं. जबकि 71 फीसदी महिलाएं ग्रेजुएट थी या उससे भी ज्यादा पढ़ी-लिखी थीं.

नेशनल हेल्थ फैमिली सर्वे के हिसाब से भारत में 37 फीसदी औरतें अपनी शादीशुदा जिंदगी में सेक्शुअल, मानसिक और शारीरिक हिंसा सहती हैं.

सर्वे में ये भी सामने आया कि ऐसा करने वाले ज्यादातर पुरुषों की महीने की सैलरी 25,000 रुपए से ज्यादा है.

यही वजहें है महिलाओं पर होती घरेलू हिंसा की – बहरहाल सर्वे से इस बात का भी खुलासा हुआ है कि जो महिलाएं अपने पतियों पर निर्भर हैं उन्हें दूसरी महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा यातनाएं झेलनी पड़ती है. सुबह-शाम पति के हाथों पिटना और गालियां सुनना जैसे अब उनकी तकदीर ही बन चुकी है.

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