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जब उसैन बोल्ट से भी तेज दौड़कर महेंद्र सिंह धोनी ने दिला दी थी टीम इंडिया को जीत

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी – आईसीसी विश्व कप 2016 में भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबला खेला जा रहा था।

सेमीफाइनल में पहुंचने के लिहाज से भारत को इस मैच को हर हाल में जीतना था। मैच आखिरी ओवर की आखिरी गेंद तक गया और अंत में महेंद्र सिंह धोनी के करिश्मे से भारत को जीत मिल गई। धोनी ने आखिरी गेंद पर मुस्ताफिजुर रहीम को रन आउट किया और इतिहास रच दिया। मैच के बाद हर कोई महेंद्र सिंह धोनी को उसैन बोल्ट कहने लगा।

आखिर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को उसैल बोल्ट क्यों कहा जा रहा था आइए आपको बताते हैं।

टीम इंडिया का हमला:

टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और भारत की तरफ से रोहित शर्मा, शिखर धवन ने पारी का आगाज किया। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को सधी हुई शुरुआत दिलाई। हालांकि पहला विकेट गिर जाने के बाद बांग्लादेश के गेंदबाजों ने मैच में वापसी कर ली और मैच में शिकंजा कस दिया। हालांकि विराट कोहली और सुरेश रैना की दमदार पारियों की बदौलत टीम इंडिया ने 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 146 रन बनाए।

बांग्लादेश का पलटवार:

जवाब में 147 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम को पहला झटका 11 रनों पर ही लग गया। लेकिन इसके बाद तमीम इकबाल और सब्बीर रहमान ने पारी को संभाल लिया। हालांकि इस बीत भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की और 95 रनों पर बांग्लादेश के 5 खिलाड़ियों को पवेलियन भेज दिया। लेकिन इसके बाद मुशफिकुर रहीम ने अकेले दम पर पारी को संभाल लिया और मैच में बांग्लादेश की वापसी करा दी। आखिरी ओवरों में बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने तेजी से बल्लेबाजी की और मैच में बांग्लादेश की जीत लगभग तय कर दी।

महेंद्र सिंह धोनी का कमाल:

बांग्लादेश को आखिरी ओवर में जीत के लिए 10 रन चाहिए थे। मुशफिकुर रहीम ने ओवर की दूसरी और तीसरी गेंद पर चौका जड़कर अपनी टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया। बांग्लादेश की टीम जीत के जश्न में डूब गई और भारत की हार लगभग तय दिखने लगी। लेकिन इसकी अगली दो गेंदों पर भारत ने लगातार 2 विकेट झटके। अब बांग्लादेश को 1 गेंद में 2 रनों की जरूरत थी और टाई कराने के लिए 1 रन बनाना था। भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी विकेट के पीछे काफी शांत नतर आ रहे थे। पांड्या ने गेंद फेंकी जो बल्लेबाज के बल्ले पर लगी नहीं लेकिन इसके बावजूद दूसरे छोर पर खड़े मुस्ताफिजुर रन लेने के लिए निकल पड़े। इस दौरान धोनी ने तेजी से गेंद को अपने हाथों में लपका और बिजली की गति से विकेटों की तरफ दौड़े, धोनी की रफ्तार के सामने मुस्ताफिजुर की तेजी कम पड़ गई और धोनी ने मुस्ताफिजुर के क्रीज में पहुंचने से पहले ही गेंद को विकेटों पर मार दिया और भारत को अद्भुत जीत दिला दी।

धोनी के इस कारनामे के बाद दुनियाभर में उनकी तुलना दुनिया के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट से की जाने लगी। माना जाने लगा कि धोनी ने बोल्ट से भी तेज दौड़कर मुस्ताफिजुर को आउट किया। दुनियाभर में धोनी की रफ्तार की चर्चाएं होने लगीं और निशकर्ष निकाला जाने लगा कि किया वाकई धोनी बोल्ट से भी तेज दौड़े थे। हालांकि विशेषज्ञ किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके लेकिन धोनी की इस रफ्तार ने टीम इंडिया को सेमीपाइनल में पहुंचा दिया था।

वैसे तो धोनी ने कई बार भारत को अपने बल्ले से जीत दिलाई थी, लेकिन ये पहला मौका था जब धोनी ने इस तरह भारत को जीत दिलाई थी।

हर कोई क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का मुरीद हो गया और धोनी ने दिखा दिया था कि क्यों उन्हें दुनिया का सबसे स्मार्ट क्रिकेट खिलाड़ी कहा जाता है। भले ही धोनी आज भारत के कप्तान न रहे हों लेकिन मैदान पर उनकी मौजूदगी ही टीम इंडिया के विश्वास और मनोबल के लिए काफी होती है।

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