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यह माँ अपने बेटी से हैं 6 साल छोटी – जानिये कैसे हुआ यह मुमकिन !

यह माँ अपने बेटी से हैं 6 साल छोटी – जानिये कैसे हुआ यह मुमकिन !

माँ-बेटी – आनन्दी की शादी बचपन में हो जाती है।

जब वह बड़ी होती है तब तक उसके बचपन के पति को किसी और से प्यार हो जाता है। इसलिए आनन्दी को तलाक देकर वह अपने प्यार से शादी कर लेता है। आनन्दी फिर अकेली हो जाती है लेकिन उसे भी किसी का सहारा मिल जाता है और वह भी उसके साथ सात फेरे ले लेती है।

इन सब के बीच वह एक बेटी नंदिनी को जन्म देती है और बेटी जब बड़ी होती है तो अपनी मां से वह 6 साल बड़ी होती है।

माँ-बेटी का ये फर्क यह सुनने में थोड़ा अटपटा सा लगे लेकिन यह सच है।

यह उम्र का अंतर टीवी की दुनिया में नहीं रीयल लाईफ में है।

टीवी की दुनिया की माँ-बेटी रियल लाईफ में मां 6 साल बेटी से छोटी है। आज के दौर में टीवी सीरियल में कुछ भी हो सकता है। टीवी सीरियल की काल्पनिक दुनिया में वह कुछ भी काल्पनिक दुनिया बना सकती है। लेकिन इस काल्पनिक दुनिया की हकीकत कुछ ऐसी है।

कलर पर आने वाला टीवी सीरियल बालिका वधु में मां आनन्दी का किरदार निभाने वाली तोरल रसपुत्र की वास्तविक उम्र 29 वर्ष है वहीं बेटी नंदिनी का किरदार निभाने वाली माही वीज अभी 35 साल की है।

टीवी स्क्रीन में मां का बनी तोरल हकीकत में माही से 6 वर्ष छोटी है।

यही टीवी धारावाहिक की खासियत है। वहां रिश्तों को दिखाने में कोई लॉजीक नहीं होता। उन्हें टीआरपी बढ़ाने के लिए और लोगों को अपने एपिसोड देखने  को प्रेरित करने के लिए बस सस्पेंश बनाए रखना होता है।

टीवी सीरियल को तब तक चलाया जाता है जबतक दर्शक उसे देखते रहे और चैनल को टीआरपी मिलती रहे। जब टीआरपी कम होने लगती है तो निर्देशक उसे बंद कर देता है। यही कारण है कि टीवी धारावाहिकों में किरदार में भी बदलाव किया जाता है।

ज्यादातर धारावाहिकों में हमे माँ-बेटी, पिता-बेटे लगभग एक ही उम्र के देखने को मिल जाते हैं लेकिन बालिका वधु जैसे टीवी धारावाहिकों में तो मां की उम्र बेटी से कम है।

ऐसा नहीं ही ऐसे धारावाहिक किरदार में ‘बालिका वधु’ ही है।

टीवी धारावाहिक शरारत में मां का करिदार निभाने वाली पूनम नरुला और बेटी का किरदार निभाने वाली श्रुति सेठ में सिर्फ एक वर्ष का ही अंतर है।

टीवी की काल्पनिक दुनिया में न मुमकिन कुछ भी नहीं होता लेकिन जब उन्हीं किरदार को हकीकत में आप देखेंगे तो हकीकत उससे उलट ही नजर आएगी। इसलिए तो टीवी की दुनिया को काल्पनिक दुनिया कहा जाता है।

 

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