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क्रैकिंग न्यूज़ एक्सक्लूसिव : इमरजेंसी के लिए ज़िम्मेदार थे राहुल गाँधी

नमस्कार मैं ‘बसकर स्वामी ’ आपका स्वागत करता हूँ ND तिवारी इंडिया न्यूज़ पर.

आज का दिन बहुत ख़ास है.

आज के दिन हम बताएँगे आपको वो दो बड़ी बातें जिसने भारत का भूत भविष्य और वर्तमान सब बदल दिया था.

चलिए उसके पहले देखते है आज की खास खबर .

क्रैकिंग न्यूज़ स्पेशल : इमरजेंसी के लिए ज़िम्मेदार थे राहुल गांधी

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1)  पंकजा मुंडे ने कहा 200 करोड़ के चिल्लर घोटाले में उनका नाम लेना विपक्ष की साजिश

2)  आपातकाल की 40 वीं सालगिरह पर आज होगा सबसे बड़ा खुलासा .

3)  फिल्म इंडस्ट्री में 23 साल पूरे करने पर शाहरुख़ ने घोषणा की रा वन के दुसरे भाग की – दर्शकों में अफरा तफरी

अब ख़बरें विस्तार से

भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे का नाम आया है चिक्की घोटाले में.

जी हाँ ठीक सुना आपने पंकजा मुंडे ने किया है चिक्की घोटाला. वही चिक्की जो मीठी होती है मजेदार होती है और जो लोनावाला के रास्ते में 10 वाली 30 की मिलती है.

सूत्रों के अनुसार चिक्की की बेहद शौक़ीन पंकजा मुंडे को जब कहा गया कि उनको बच्चों के लिए चिक्की का आर्डर करना है तो उन्होंने अपने पसंदीदा चिक्की वाले घनश्याम दास से बात की. घनश्याम दस ने चिक्की का कॉन्ट्रैक्ट ले तो लिया पर चिक्की बनाते हुए घनश्याम दास की शक्कर ख़त्म हो गयी और उसने राशन की सरकारी दूकान से शक्कर खरीद ली. सरकारी शक्कर शरद पंवार की चीनी मिल से आई हुयी बताई गयी है.

इस तरह घनश्याम दास ने चिक्की में मिलावट करदी और परोक्ष और अपरोक्ष रूप से मुंडे और पंवार की मदद की.

जब हमने मुंडे से इस बारे में पुछा तो उन्होंने कहा कि  “ ये साजिश है महिलाओं को बदनाम करने की देखिये पिछले कुछ दिनों से महिला विरोधी ताकतें हम महिलाओं के पीछे पड़ी है  स्मृति, वसु , पंकजा और सुषमा सबके पीछे पड़े मीडिया ” (वाशिंग पाउडर निरमा की तर्ज पर ) ये कह कर उन्होंने फ़ोन काट दिया.

सुना है हमारी एंकर ‘चरखा हट ’ भी इस बात से रजामंद है इसीलिए आज लूज़ मोशन का बहाना करके न्यूज़ रूम में नहीं आई.

अगली खबर के लिए ले चलते है बवाल आर खान के पास (चरका हट अबसेन्ट है तो इस से सस्ता रिप्लेसमेंट नहीं मिला )

हल्लो 2 रुपीज़ पीपल I are B R K
(बसकर स्वामी चिल्लाता है ) ‘अबे ओ क्वीन विक्टोरिया की चड्डी के पिस्सू हिंदी बोल हिंदी ’

माफ़ करिए दोस्तों मैं भूल गया था ये हिंदी चैनल है तो सुनिए खबर .

shahrukh

तो अगली बड़ी खबर ये है कि आज शाहरुख़ खान को फिल्म इंडस्ट्री में आये 23 साल हो गए है. उनके सारे फैन बौराए हुए घूम रहे है. और सोशल मीडिया से लेकर मन्नत तक ऐसे घूम रहे है जैसे अंग्रेजों ने भारत को आज़ादी दे दी हो.

शाहरुख़ खान ने भी इस मौके पर अपने फैंस के लिए एक सौगात दी है. शाहरुख़ खान ने मन्नत की छत पर खड़े होकर घोषणा की कि वो दर्शकों को एक तोहफा देंगे. वो तोहफा होगा रा वन का सीक्वल.

जिसका नाम होगा झा –2.  ये खबर सुनकर शाहरुख़ के कई फैन ख़ुशी के मारे बैंडस्टैंड से समंदर में कूद गए.

शाहरुख़ को 23 साल पूरे करने पर बहुत बहुत बधाई , बस अब वो अपने हाथ फैलाना बंद करे नहीं तो हाथों में दर्द हो जायेगा. सुना है झुमरी तलैय्या की रामकली और उनकी बेटी पारो में शाहरुख़ को लेकर झगडा हो गया है , झगडे का कारण है कि रामकली बचपन से पारो को उदय चोपड़ा की फोटो दिखाकर कहती थी कि ये शाहरुख़ खान है .

इस बारे में बाकि खबर अभी आने को है. अब आप सब चवन्नी छाप लोगों को सुपर स्टार BRK का गुड बाय.
(ऐ छोटू ये कुर्सी नीचे कर मुझे उतरना है )

मैं हूँ आप सबकी बेबी डॉल रंजना व्हाट्स आप (ऊप्स आप नहीं अप 😉 )

क्रैकिंग न्यूज़ एक्सक्लूसिव : इमरजेंसी के लिए ज़िम्मेदार थे राहुल गाँधी

ये खबर है मेरी फेवरेट पार्टी के बारे में . जी हाँ आज कांग्रेस इमरजेंसी की 40 वीं सालगिरह हर्षोल्लास से मना रही है. माना कि ये लोकतंत्र का एक काला अध्याय है पर हाशिये पर गयी कांग्रेस को सोशल मीडिया में ट्रेंड तो करा ही रहा है ना.

इसी मौके पर आज हमने कांग्रेस के एक वयोवृद्ध नेता जिनको कोई पूछता नहीं, ना पार्टी वाले ना ही घर वाले.  हमने सोचा कि मानरे से पहले उनको थोडा खुश करदे और वो हमको कुछ ब्रेकिंग शेकिंग न्यूज़ दे दे.

तो उन्होंने एक बहुत बड़ा खुलासा किया की आखिर क्या कारण था इमरजेंसी लगाने का .

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हमारे गुप्त रोग से ग्रसित गुप्त सूत्र ने बताया कि इमरजेंसी का असली कारण राहुल गांधी थे, 1970 में पैदा होने के बाद से ही उन्होंने अपनी दादी की नाक में दम कर रखा था, खानदान  की परम्परा के विपरीत उन्होंने मुर्खता को चुना और उनकी हरकतों को देखकर पूरा गाँधी परिवार शर्मिंदा होता था, देश के लोगों की नज़र गाँधी परिवार की इस बड़ी त्रासदी पर ना पड़े इसलिए इंदिरा गाँधी ने बड़ी चालाकी से देश में इमरजेंसी लगवा कर लोगों को उसमे बिजी कर दिया.

उन्हें पता था एक बार गुस्से में आकर तुचिया जनता चुनाव हरा देगी तो भी क्या दूसरी बार फिर गद्दी अपनी. इमरजेंसी लगाने के पीछे संजय गांधी का भी अपना अलग एजेंडा था.

उन्होंने राहुल गाँधी को देख कर समझ लिया था की वातावरण में गड़बड़ी की वजह से बच्चों में कुछ गड़बड़ हो रही है, और इसलिए इमरजेंसी की आड़ में संजय गाँधी ने सबकी नसबंदी करवादी. ना रहेगा बांस बजेगी बांसुरी इस मुहावरे को यथार्थ करते हुए उन्होंने सबके बांस और बांसुरी ब्लाक करवा दिए.

संजय गाँधी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज हमें राहुल गाँधी जैसी एक ही शख्सियत को झेलना पड़ रहा है. नहीं तो कल्पना कीजिये की देश भर में अधेड़ कुंवारों को युवा युवा बोलना पड़ता और जुपिटर से लेकर शनि तक की वेलोसिटी मापनी पड़ जाती.

माफ़ करना दर्शकों आज के समाचार यही रोकने पड़ेंगे हमारे गुप्त सूत्र वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता नोस्टेलेजिक होकर ट्रांस में चले गए है.

(“ऐ कोई चप्पल मोजा सुंघाओ इस बुढ्डे को ”)

और अंत में हमारे चैनल की तरफ से सभी दर्शकों को एक सन्देश

rahul
* ये आर्टिकल सिर्फ हास्य व्यंग्य के लिए है कृपया इसे अन्यथा ना ले *

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