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अब लड़कों के लिए भी आयेगी गर्भ निरोधक पिल्स !

लड़कों के लिए गर्भ निरोधक पिल्स

लड़कों के लिए गर्भ निरोधक पिल्स – किसी भी लड़के से रिश्ता होने पर हर बार लड़कियों को ही प्रोटेक्शन का ख्याल रखना पड़ता है.

लड़के एक बात कहकर हट जाते हैं कि जब मार्किट में दवा है तो लड़कियों को खा लेनी चाहिए न कि प्यार के दौरान रोका-टोकी करनी चाहिए. असल में बाज़ार में महिलाओं के लिए ही पिल्स मौजूद रहते हैं.

अब बहुत जल्द लड़कों के लिए गर्भ निरोधक पिल्स मिलनी शुरू हो जाएंगी.

अगर सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन न लिया गया तो लड़कियां गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करके अनचाहे गर्भ से बच जाती हैं, लेकिन इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है.

सेक्स के दौरान लड़के कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते और लड़कियों पर ज़ोर-ज़बरदस्ती करते हैं कि सेक्स के बाद वो पिल्स का सेवन कर सकती हैं.

महिलाओं के लिए बाजार में मौजूद गर्भनिरोधक गोली की तरह अब लड़कों के लिए गर्भ निरोधक पिल्स जल्द उपलब्ध होगी.

महिलाओं के लिए उपलब्ध गर्भनिरोधक गोली की तरह अब पुरुषों के लिए भी गोली जल्द उपलब्ध होगी. शोधकतार्ओं ने ऐसे कम्पाउंड की खोज की है जो शुक्राणु की सक्रियता पर नियंत्रण रख सकता है. इससे अब लड़कियों को बार बार पिल्स खाने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी.

यह फर्टिलाइजेशन की क्षमता को कम कर सकता है. ये ईपी055 नामक यौगिक है जो शुक्राणु की गतिशीलता को शिथिल कर देता है और इससे हार्मोन पर भी कोई असर नहीं होता है. यह यौगिक निषेचन की क्षमता को कम कर सकता है. शोधकर्ताओं के अनुसार इस तत्व का इस्तेमाल करके पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली बनाई जा सकती है.

एक खबर के अनुसार इस तत्व से लड़कों के लिए गर्भ निरोधक पिल्स बनाई जा सकती है जो जन्म दर को नियंत्रित करने में कारगर साबित होगा और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होगा.

बता दें कि अभी पुरुषों के लिए कंडोम और नसबंदी के उपाय ही उपलब्ध हैं.

इस तत्व का परीक्षण नर बंदरों पर किया गया, जिसमें कोई दुष्प्रभाव नहीं पाया गया. इसकी शोधकर्ता मेरी जेलिंस्की का कहना है कि इस तत्व के उपयोग के 18 दिन बाद सभी लंगूरों में पूरी तरह से सुधार के लक्षण पाए गए.

आमतौर पर अगर ये कहा जाए की इस दवा का परिक्षण सही रहा है तो गलत नहीं होगा.

आपको बता दें कि दुनिया भर में हर साल 5.6 करोड गर्भपात असुरक्षित तरीके से होते हैं, जिससे प्रति वर्ष कम से कम 22,800 महिलाओं की मौत हो जाती है. यह जानकारी पिछले एक दशक में वैश्विक गर्भपात ट्रेंड्स पर गुटमेचर इंस्टीट्यूट की सबसे व्यापक रिपोर्ट में दी गई है. ऐसे मामले में पुरुषों को हानि कम होती है, लेकिन महिलाओं को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है.

मुमकिन है कि जब ये दवा बाज़ार में मिलनी शुरू हो जाएगी तो महिलाओं को थोडा आराम मिलेगा. उनका पार्टनर इन दवाओं का सेवन करके अपने सुखी जीवन को आगे बढ़ा सकता है. हर बार एक लड़की ही कुर्बानी क्यों दें. वैसे भी अगर महिलाओं के लिए कोई दवा बन सकती है तो मुमकिन है कि पुरुषों के लिए भी बन सकती है.

लड़कों के लिए गर्भ निरोधक पिल्स – इस दवा को बनाने वाले लोगों ने सच में बड़ा काम किया है. इससे महिलाओं की मृत्यु दर भी कम होगी.

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