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इसलिए चीन चाहता है चांद पर गांव बसाना !

चांद पर गांव

चांद पर गांव – संभव है कुछ सालों बाद चांद पर घर बनाने का ख्वाब सिर्फ कविता और शायरी तक नहीं सीमित रहेगा.

चीन इस ख्वाब को हकीकत बनाने में जी जीन से जुट गया है.

चीन की स्पेस ऐजेंसी ‘चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ यानी ‘सीएनएसए’ ‘यूरोपीयन स्पेस एजेंसी’ के साथ मिलकर चांद पर गांव बसाने की तैयारी कर रही है. यह गांव बाद में शहर का भी रूप ले सकता है.

चांद पर गांव बसाने के पीछे मकसद

यूरोपीयन स्पेस एजेंसी और चीन चांद पर जिस गांव को बसाने की तैयारी कर रहे हैं उनके पहले बाशिंदे वैज्ञानिक ही होंगे लेकिन आगे चलकर आम लोग  भी इस गांव की सैर करने आ सकते हैं.

1 – दरअसल चीन की योजना डीप स्पेश मिशन के लिए चांद को बेस स्टेशन के तौर पर इस्तेमाल करने की है. चांद का प्रयोग करके मंगल सहित अन्य ग्रहों पर मिशन भेजना आसान हो जाएगा.

2 – चीन चांद पर व्यवसायिक खनन भी करना चाहता है. सीएनएसए के महासचिव टियान यूलॉंग का कहना है कि इस साल के अंत तक चीन का लूनर मिशन चैंग-5 पूरा हो जाएगा जिसके तहत चांद के चट्टानों के नमूना लाया जाना था. यूलांग के अनुसार इन चट्टानों का अध्ययन करके वे चांद के रसायनिक घटक, उसका निर्माण और उसके क्रमिक विकास पर रैशनी डाल पाएंगे.

3 – चीन की योजना भविष्य में चांद पर स्पेश टूरिज्म की संभावना भी तलाशना है.

4 – चांद पर मौजूद गांव खुद चांद के व्यापक अध्ययन में सहायक होगा.

5 – 2030 तक चीन स्पेस सुपरपावर बनने की हसरत रखता है.

चीन की चांद पर गांव बसाने की महत्वकांक्षी योजना के पीछे एक वजह उसको अंतराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से बाहर रखा जाना भी है. इसके पीछे अमेरिका की चीन के अंतरिक्ष मिशन को लेकर आशंकाएं हैं. अमेरिका का मानना है कि चीन की स्पेस एजेंसी सीएनएसए के चीनी सेना से घनिष्ट तालुकात हैं और ये एक दूसरे के पूरक हैं.

चीन ने अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम अपेक्षाकृत देरी से शुरू किया पर पिछले एक दशक में उसने बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. 2015 में चीन ने एंटी सैटेलाइट मिसाइल का परिक्षण किया था जिसके द्वारा युद्ध के समय दुश्मन के महत्वपूर्ण सैटेलाइट्स को ध्वस्त किया जा सकता है.

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