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आपके ये 5 झूठ जिन्हें आपके माता-पिता आसानी से पकड़ लेते है !

बच्चों के झूठ

बच्चे जब बड़े होने लगते हैं तो माता-पिता की डांट के डर से कई बातें छुपाने लगते हैं.

चाहे वो दोस्तों के साथ बाहर जा रहे हो या फिर स्कूल या कॉलेज की कोई बात हो, उसे छुपाने के लिए बच्चे बड़ी ही चालाकी से झूठ बोलते हैं.

अक्सर बच्चे ये सोचते हैं कि अब तो वो बड़े हो गए हैं और बच्चों के झूठ उनके माता-पिता नहीं पकड़ पाएंगे.

बच्चे इस बात को भूल जाते हैं कि वो चाहे कितने भी बड़े क्यों न हो जाएं. अपने माता-पिता के लिए तो हमेशा बच्चे ही रहेंगे और बच्चों के झूठ माता-पिता से नहीं छुप सकता.

आइए हम आपको बताते हैं बच्चों के झूठ, जिन्हें माता-पिता आसानी से पकड़ लेते हैं.

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बच्चों के झूठ जिन्हें माँ बाप पकड़ लेते है –

1 – दोस्तों के साथ पिकनिक का प्लान है

कई युवा अपने किसी खास दोस्त या गर्लफ्रेंड के साथ घूमने या फिर मूवी देखने का प्लान तो बना लेतें हैं लेकिन इस बात को छुपाने के लिए अपने माता-पिता से झूठ बोलते हैं कि वो अपने सभी दोस्तों के साथ पिकनिक पर जा रहे हैं.

माता-पिता ये समझ जाते हैं कि उनका बच्चा उनसे झूठ बोल रहा है लेकिन फिर भी वो इस बात को जताते नहीं हैं. इसलिए बेहतर यही होगा कि आप अपने माता-पिता को सच बताकर बाहर जाएं.

2 – दोस्त के घर पढ़ाई करने जा रहा हूं

दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने या फिर पार्टी करने का प्लान हो तो बच्चे अपने पैरेंट्स से दोस्त के घर पढ़ाई करने का बहाना बनाकर घर से निकल जाते हैं.

माता- पिता के सवाल करने पर वो बड़ी ही सफाई से इसका जवाब भी देते हैं. उन्हें लगता है कि उनके इस झूठ पर पैरेंट्स ने यकीन कर लिया है, लेकिन पैरेंट्स को पता होता है कि उनका बच्चा उनसे झूठ बोल रहा है.

3 – ये चीज़ मेरी नहीं, मेरे दोस्त की है

चाहे गिफ्ट हो या सिगरेट या फिर शराब जैसी चीजें. कमरे से इन चीजों के मिलने पर जब युवाओं से सवाल किया जाता है तो ज्यादातर युवा यही कहते हैं कि ये मेरी नहीं मेरे दोस्त की है.

ये बहाना बनाकार वो अपने पैरेंट्स के सामने सीधे बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन पैरेंट्स तो बच्चों के हावभाव से ही इस बात का अंदाजा लगा लेते हैं कि उनका बच्चा उनसे सच छुपा रहा है.

4 –  मैं तो पढ़ाई कर रहा था

इस डिजीटल वर्ल्ड में तकरीबन सभी छात्रों के पास मोबाइल फोन, लैपटॉप जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स होते हैं. ऐसे में जब भी उनका पढ़ाई करने का मूड़ नहीं होता है तब वो अपने गैजेट्स में बिजी हो जाते हैं.

पैरेंट्स जब उनसे पूछते हैं कि इतनी देर से क्या कर रहे थे, तो उनका जवाब होता है कि मैं तो पढ़ाई कर रहा था.

लेकिन आपके पैरेंट्स को ये पता होता है कि आप बहुत देर से अपने गैजेट्स के साथ टाइमपास कर रहे थे.

5 – मेरे क्लासमेट का फोन आया था

अक्सर स्कूल और कॉलेजों में जानेवाले बच्चे अपने किसी खास दोस्त या गर्लफ्रेंड से घंटों तक फोन पर बात करते हैं, और जब पैरेंट्स उनसे पूछते हैं कि इतनी देर से किससे और क्या बात कर रहे थे.

इसके जवाब में अक्सर बच्चे यही कहते हैं कि उनके क्लासमेट का फोन आया है और वो ज़रूरी नोट्स के बारे में बात कर रहा था. अपने बच्चे को इतनी लंबी बात करते देख पैरेंट्स समझ जाते हैं कि उनका बच्चा उनसे साफ-साफ झूठ बोल रहा है.

ये है बच्चों के झूठ – इसके अलावा कई ऐसे झूठ हैं जो बच्चे अक्सर अपने पैरेंटस से बोलते हैं. जबकि हर बार पैरेंट्स ये है बच्चों के झूठ को झट से पकड़ लेते हैं. इसलिए हमेशा अपने पैरेंट्स से सच बोलने की कोशिश करें, क्योंकि माता-पिता से सच बोलने का एक अलग ही मज़ा है.

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