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ठेले वाला चांद बिहारी बन गया अपनी मेहनत से 20 करोड़ रुपए का मालिक

चांद बिहारी

मेहनत का फल कौन नहीं चाहता की मीठा हो, लेकिन हर किसी के नसीब में ये मीठा फल इतनी आसानी या जल्दी से नहीं आता. मगर ये कारनामा चांद बिहारी अग्रवाल ने कर दिखाया है और बन गए हैं करोड़ों के मालिक.

कभी सड़कों और फुटपाथ पर साड़ियाँ व पकौडे बेचने वाले चांद बिहारी आज को पटना की एक जानी मानी अग्रवाल की दुकान के मालिक है.

उनकी केवल एक ही दुकान का सालाना टर्नओवर 20 करोड़ रुपये है और इस मुकाम तक पहुंचने के बाद वह कई लोगों को रोजगार भी दे चुके हैं. लेकिन आप ऐसा मत समझिए की चांद बिहारी यहाँ तक ऐसे ही पहुंच गए हैं, यह तक पहुंचने में उन्हें एक दशक तक का समय लगा है. अपनी कडी़ मेहनत और लगन की वजह से ही आज को वह इतने बड़े आदमी बन पाए हैं.

ठेले से की शुरुआत

चांद बिहारी

चांद बिहारी अपने शुरुआती दिनों को आज भी याद कर के खुश होते हैं की वह अपने बल बुते पर कहा से कहा आ गए. चांद बिहारी ने बचपन से ही काफी मुश्किलों का सामना किया. पिता के सट्टेबाज होने के कारण वह एक दिन अपना सब कुछ उसी में गवा बैठे. 10 साल जैसी कम उम्र में चांद बिहारी को ठेले पर 12 से 14 घंटे तक पकौड़े बेचने पड़े वो भी मात्र 100 रुपए के लिए जिस से उनके घर में 2 समय की रोटी मिल सके. पिता ने सट्टेबाजी में सब गवाने के बाद कमाना तो जैसे छोड़ ही दिया था लेकिन अब घर चलाने के लिए चांद बिहारी को ही कुछ कर के दिखाना था और शायद शुरुआत से ही क़िस्मत ने उनका साथ दिया तभी तो जिस मुकाम तक पहुंचने में लोगों की सारी जिंदगी निकल जाती है वहाँ चांद बिहारी एक दशक में ही पहुंच गए. कहना पडेगा मेहनत का फल वाक्य मीठा होता है और इस बात को साबित कर दिखाया चांद बिहारी अग्रवाल ने.

चांद बिहारी

चांद बिहारी पटना में गोल्ड ज्वेलरी शॉप के मालिक हैं. उनकी इस शॉप का सालाना टर्नओवर ही 20 करोड़ रुपए है. सड़क से उठ कर यहाँ तक पहुँचना वाक्य एक बहुत बड़ी बात है और यह हर किसी के बस की नहीं होता. कई लोग अमीर बनने की तो ठान लेते हैं लेकिन आलस व सोचने में ही सारा समय गवा देते हैं वही दूसरी ओर चांद बिहारी अग्रवाल जैसे लोग दिन रात सोचने की बजाए कुछ कर दिखाने का जज्बा रखते हैं और खूब लगन व मेहनत से वोकारनाम कर दिखाते हैं जिसके बारे में हर कोई सपने देखता है.

वैसे तो हर किसी के मुह से सुनने को मिलता है की मेहनत करोगे तो फल अवश्य मीठा ही मिलेगा.

आज पहली बार देख भी लिया. यदि मेहनत सच्चे मन और लगन से की जाए तो आपको उसका फल एक ना एक दिन जरूर मिलेगा. भले ही उसमे एक दशक या उससे ज्यादा या कम समय लगे लेकिन आपको एक बात हमेशा याद रखनी है की जीत केवल उन्हीं की होती है जो कभी हार नहीं मानते. तो यदि आप भी कुछ अपनी जिंदगी में करना चाहते हैं तो अभी से केवल सोचना छोडिए और कुछ करने पर ध्यान दिजिए.