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इच्छा पूरी करने के बाद हनुमान जी को ब्याज चुका देना, नहीं तो खैर नहीं!

lord hanuman

ब्याज़, कर्ज़ा ये सब काम या तो बैंक करते है या फिर साहूकार.

वैसे तो ब्याज और सूद लेना अच्छा काम नहीं समझा जाता लेकिन अगर ब्याज़ लेने का काम खुद भगवान करते हो तो क्या कहने.

आप भी कहेंगे ये कैसी बेवकूफी भरी बातें कर रहे हो, भगवान कैसे ब्याज लेंगे और किस बात का ब्याज लेंगे.

अब मानों या ना मानों ये बात एक दम सही है. एक ऐसी जगह भी है जहाँ भगवान खुद भक्तों से ब्याज वसूलते है.

भगवान भी और कोई नहीं हनुमान जी. अब ना जाने हनुमान जी को ब्याज और फीस वसूलने की क्या ज़रूरत आन पड़ी वो तो ठहरे बाल ब्रह्मचारी.

चलिए अब आपको ज्यादा पहेलियाँ ना बुझाते हुए सीधे ले चलते है इस अनोखे मंदिर में जहाँ हनुमान जी को “ब्याजू देवता ” कहा जाता है.

byaju hanuman

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में में एक काफी पुराना हनुमान मंदिर है. इस मंदिर को ब्याजू देवता के मंदिर के नाम से जाना जाता है.

मंदिर के पुजारी के अनुसार हनुमान को ब्याज देने की ये प्रथा पिछले करीब 70 वर्षों से चल रही है.

इस मंदिर में आने वाले भक्त हनुमान के पास आकर मन्नत मांगते है, कुछ लोग पर्ची में लिखकर भी अपनी मनोकामना देते है. मनोकामना पूरी होने के बाद भक्त फिर से मंदिर में आते है और हनुमान को मनोकामना पूर्ति करने के लिए ब्याज अदा करते है.

मंदिर के अनुसार श्रद्धालु को एक प्रतिशत ब्याज के रूप में दिया जाता है. ब्याज में मिली रकम या अनाज  तथा अन्य वस्तुओं का उपयोग गरीब लोगों के भोजन, शिक्षा एवं मंदिर के रखरखाव के लिए किया जाता है.

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि ब्याज तो एक बहाना है, ब्याज में दी गई सामग्री का उपयोग भी लोगों के भले के लिए किया जाता है इसलिए श्रद्धालु प्रसन्नतापूर्वक ब्याज देते है.

मंदिर के प्रांगण में एक व्यक्ति ने बताया कि उसे जीविका चलने के लिए ऑटो रिक्शा खरीदने के लिए लोन चाहिए था, बैंक वालों ने कई बार उसकी अर्जी ख़ारिज कर दी थी. उसके बाद आशा की अंतिम किरण के रूप में उसने इस मंदिर में मन्नत मांगी और चमत्कार हो गया.

लगातार खारिज होने वाली उसकी लोन की दरख्वास्त मंज़ूर हो गई. इस चमत्कार के बाद से ये व्यक्ति रोज़ मंदिर आता है दर्शन के लिए और अपनी कमाई का एक प्रतिशत जनकल्याण के लिए ब्याज के रूप में चढ़ाता है.

अब ये तो भगवान ही जाने कि ब्याज देने पर मन्नत पूरी होती हाय या नहीं लेकिन एक बात तो है एक से बढ़कर एक अनोखे मंदिर और  मान्यताएं है हमारे देश में.