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अगर दिल में जरा भी देश के लिए प्यार है तो ये मोबाइल मत खरीदना !

ओप्पो के मोबाइल

अगर आपके दिल में भारत के प्रति जरा भी प्यार हो तो चाइनीज कंपनी ओप्पो के मोबाइल भूल कर भी मत खरीदना.

क्योंकि इस चाइनीज कंपनी के चीनी कर्मचारी जानबूझकर भारतीय राष्ट्रध्वज का अपमान कर रहे हैं. वो भी हमारे देश में.

वहीं दूसरी ओर इस चाइनीज कंपनी में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों ने काम बंद करके इसको सबके सिखाने पर अड़े हुए हैं.

इसलिए फेसबुक और वाट्सएप पर देशभक्ति दिखाने वाले भारतीयों से अपील है कि अब जब देशभक्ति दिखाने का सही अवसर आया है तो उन्हें उससे चूकना नहीं चाहिए.

सीमा पर जवान की तरह लड़कर नहीं तो देश की सीमा के अंदर चाइनीज मोबाइल कंपनी ओप्पो के मोबाइल सहित तमाम उपकरणों का बहिष्कार करे.

आपको बता दें कि चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी ओप्पो के नोएडा प्लांट में एक चीनी कर्मचारी के भारतीय तिरंगे झण्डें का जानबूझकर कूड़े में फेंक दिया है. ऐसा कोई अनजाने में नहीं हुआ है बल्कि ये सब जानबूझ कर किया जा रहा है.

इसके पहले भी कंपनी के कार्यालय पर जो भारतीय ध्वज लगा हुआ था वह भी फटा हुआ था. इसको लेकर जब कंपनी के कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई तो काफी हंगामा करने के बाद ओप्पो कंपनी इसको बदलने को तैयार हुई.

ओप्पो के मोबाइल

एक के बाद एक भारतीय घ्वज का अपमान किए जाने से नाराज ओप्पो के भारतीय कर्मचाारियों ने कामकाज ठप दिया है. कंपनी के वरिष्ठ चीनी मूल के अधिकारी पर आरोप है कि उसने कंपनी की दीवार पर लगे राष्ट्रीय ध्वज के पोस्टर को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया था.

इसके विरोध में स्टाफ ने आठ घंटे से अधिक धरना देकर विरोध शुरू कर दिया और यह विरोध उस वक्त तक जारी रहा जब तक कि आरोपी अधिकारी सुहाउ के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हो गई.

बताया जाता है कि नोएडा के सेक्टर 63 में ओप्पो कंपनी के ऑफिस में सोमवार दिंनाक 27 मार्च को कंपनी के अधिकारी सुहाउ यूनिट का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे. उस वक्त उन्होंने राष्ट्रीय झंडे वाले पोस्टर को दीवार से उतारकर फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया.

जब कुछ और कर्मचारियों ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई तो उन्होंने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया. सुबह की शिफ्ट के कर्मचारियों अपना विरोध दर्ज कराकर जा चुके थे.

लेकिन उनके जाने के बाद कंपनी के स्टाफ ने  चीनी अधिकारी की इस हरकत की खबर नाइट शिफ्ट में काम करने वाले स्टाफ को दे दी. उसके बाद आधी रात के बाद कंपनी का कामकाज ठप पड़ गया और स्टाफ धीरे धीरे एकजुट होने लगा.

कंपनी के स्टाफ के लोग बड़ी मात्रा में मार्केट से राष्ट्रीय ध्वज खरीदकर लाए. साथ ही विरोध के तौर पर उन्होंने एक बजे के करीब यूनिट के काम का पूरी तरह से बॉयकॉट कर दिया.

कंपनी में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों ने तो अपना काम कर दिया. लेकिन अब बारी आपकी है. आपको अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए ओप्पो के मोबाइल फोन का बहिष्कार कर देना चाहिए और ओप्पो के मोबाइल नहीं खरीदने चाहिए.

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