ENG | HINDI

100 रूपए कमाने वाली ये लड़की बन गई हीरोइन !

मुग्धा गोडसे

मायानगरी मुंबई में अपनी किस्मत आज़माने देश के कोने कोने से लोग आते हैं.

खासतौर पर यहाँ लोग हीरो और हीरोइन बनने आते हैं. प्रोडूसर के ऑफिस के चक्कर काट काटकर न जाने कितने अपने घर को लौट जाते हैं और कितने तो इस दुनिया को ही अलविदा कह देते हैं, लेकिन संघर्ष से लड़कर जो भी इस मायानगरी को अपनाया है उसे सफलता ज़रूर मिली है.

आजतक आपने सिर्फ हीरो की कहानी सुनी होगी.

कभी अक्षय कुमार किसी होटल में वेटर थे तो कभी कोई किसी प्रोडूसर का अस्सिटेंट, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी हीरोइन की बात बताएँगे, जिसने सच में ऐसा काम किया जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे.

संघर्ष करके उस हीरोइन ने दिन के १०० रूपए कमाना शुरू किया और फिर सफलता की सीढियाँ चढ़ना शुरू किया.

ऐसी ही सफलता के काबिल हैं एक ऐसी हीरोइन जिसने कभी पेट्रोल पम्प पर नौकरी करके दिन के १०० रूपए कमाए.

जी हाँ, ये कोई और नहीं बल्कि २००८ में मधुर भंडारकर की फिल्म फैशन से बॉलीवुड में अपना सिक्का जमाने वाली मुग्धा गोडसे हैं. मुग्धा गोडसे ने पहले बहुत संघर्ष किया और पहली फिल्म उन्हें मधुर के बैनर तले मिली. इस फिल्म में मुग्धा गोडसे की बहुत तारीफ हुई. मुग्धा गोडसे ने धीरे धीरे बॉलीवुड में अपना परचम लहराना शुरू कर दिया.

खुद मुग्धा गोडसे ने एक न्यूज़ पेपर को दिए अपने इंटरव्यू में कहा था कि कभी अपने घर का खर्चा चलाने के लिए उन्हें पेट्रोल पम्प पर उन्हें सेल्स गर्ल का काम करना पड़ता था. इस काम के लिए रोज़ के उन्हें १०० रूपए तुरंत मिल जाते थे जिससे मुग्धा का खर्चा चल जाता था. हालाँकि मुग्धा ने ये नहीं बताया कि वो किस शहर में ये नौकरी करती थीं, लेकिन इतना तो तय है कि मुग्धा की ये कहानी बाकी हीरोइनों के लिए उत्साहबर्धक साबित होगी.

ये है मुग्धा गोडसे की संघर्ष कथा –  मुग्धा की ये रियल कहानी सुनकर स्ट्रगल कर रही बाकी हीरोइन का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें संघर्ष करने में मजबूती मिलेगी.