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आखिर क्या है बीएचयू – बनारस हिंदू यूनिर्वसिटी – विवाद की पूरी सच्चाई

बीएचयू

इन दिनों उत्तर प्रदेश की बनारस हिंदू यूनिर्वसिटी  ( बीएचयू ) छात्राओं के विरोध प्रदर्शन के कारण विवादों से घिरी है। जिसका असर सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नही दिल्ली में भी देखने को मिला ।

दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर काफी प्रोटेस्ट किए गए । विरोध कर रहे छात्र छात्राओं के अनुसार बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी के कैंपस में लङकियो के साथ छेङखानी और अपद्र व्यवहार होता है। दरअसल विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीएचयू की आर्टफैक्लटी की एक छात्रा शाम को हाॅस्टल लौट रही थी उसी वक्त वहां मोटरसाइकिल पर मौजूद तीन अज्ञात लङको ने लङकी को छेङना शुरु कर दिया। काफी गाली गलौच और बदतमीजी करने बाद वो लङके वहां से चले गए। हॉस्टल के बाहर मौजूद गार्डस ने पूरी घटना के दौरान एक बार भी उस लङकी की मदद नहीं की । जिसके बाद लङकी अपनी बाकी दोस्तों के साथ मिलकर कैंपस के मेनगेट के बाहर सुरक्षा की मांग को लेकर धरने पर बैठ गई ।
धरने पर बैठे छात्र छात्राओं के अनुसार यूनिवर्सिटी ने सुरक्षा को लेकर हमेशा से लापरवाही बर्त्ती है । कैंपस में लङकियो के साथ छेडछाड लङको का शौक बन गया है।

बीएचयू की एक पूर्व छात्रा के अनुसार बीएचयू में लङकियो से छेङछाङ का मामला बहुत पुराना है लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया ।और आज भी यूनिवर्सिटी इसे बाहरी तत्वो की साजिश बताकर केवल पला झाङने की कोशिश कर रही हैं। छात्रा ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में पढने के दौरान उन्होंने छेङखानी के ऐसे ऐसे अनुभव किए हैं । जो शायद जिंदगी भर उन्हें डरावने सपने की तरह परेशान करते रहेगे।

सुरक्षा की मांग को लेकर हो रहे इस धरना की आग तब और भङक गई जब धरना कर रहे छात्र- छात्राओं सहित वहां मौजूद पत्रकारों पर भी लाठीचार्ज किया गया  ।

बीएचयू में प्रदर्शन कर रहे छात्र छात्राओं पर हिंसा और शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए बनारस पुलिस ने 1200 छात्र – छात्राओं के खिलाफ केस दर्ज किया है और पहले लाठीचार्ज करने वाले अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया गया है। वही विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी बढते हंगामे को देखते हुए सुरक्षा के लिए  पुलिस को कैंपस में तैनात कर दिया । और कैंपस में 6 अक्टूबर तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया ।

बहरहाल सुरक्षा को लेकर छात्र छात्राओं की मांग को गलत नही ठहराया जा सकता। लेकिन राजनीतिक पार्टियां ऐसे गंभीर मुद्दे पर भी अपनी रोटियाँ सेकने से बाज नहीं आ रही। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जमकर इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा । और  इस लाठीचार्ज  की कङी निंदा की । अपने हाल ही में दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ बाहरी तत्वो ने बीएचयू में हो रहे विरोध प्रदर्शन का फायदा उठाकर वहां हिंसा भङकाने की कोशिश की और यूनिवर्सिटी की शांति भंग की ।

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