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तो मोदी नहीं आजम खान होते देश के प्रधानमंत्री !

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान

अगर देश का विभाजन नहीं होता तो आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान होते.

यह दावा किसी और का नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में खुद को मुस्लिमों का एक मात्र नेता समझने वाले आजम खान का ही है.

उत्तर पद्रेश की चुनावी सभाओं में आजम खान इन दिनों अक्सर इस बयान को दोहरा रहे हैं. वे अपनी सभाओं में मुस्लिमों को बता रहे हैं कि यदि देश का विभाजन नहीं हुआ होता तो आज भारत में मुस्लिमों की इतनी अधिक आबादी होती कि वे इस देश में सरकार बनवाने और बिगाड़ने तक ही सीमित नहीं होते.

देश में नरेंद्र मोदी के रूप में कोई हिंदू नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान देश का प्रधानमंत्री होता.

जिस वक्त समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान चुनावी सभाओं में ये भाषण देते हैं तो उस वक्त वे एक तीर से कई निशाने साध रहे होते हैं. एक ओर तो वे मुस्लिमों को ये बता रहे होते हैं कि एकजुट मतदान करने का क्या फायदा होता है. दूसरी ओर वह अपने इन बयानों के जरिए हिंदुओं के मन में मुस्लिमों के प्रति नफरत पैदा कर रहे होते है.

क्योंकि आजम जानते हैं कि उनके इस बयान के बाद भाजपा या किसी हिंदू संगठन की ओर से जो प्रतिक्रिया आएगी उससे उनको ही लाभ होगा. आजम खान इससे अपने मुस्लिम समाज में लोकप्रिय हो जांएगे.

क्योंकि पलटवार के रूप में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान पर जो हमला होगा उससे मुस्लिमों में आजम के प्रति सहानुभूति की लहर पैदा होगी.

आजम भी यदि चाहते हैं कि एक ओर वे ऐसे बयान दे कि जिससे वे हिंदू संगठनों और भाजना के निशाने पर आ जाए. उस स्थिति में आजम को न केवल अपने क्षेत्र में बल्कि सपा में भी लाभ मिलेगा.

क्योंकि समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान जानते हैं कि इस उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी हिंदुओं अपनी सुरक्षा को लेकर एक अजीब सा माहौल बना हुआ हैं. इस माहैल से न केवल हिंदू विचलित है बल्कि मुसलमान भी घबराया हुआ है.

इसलिए ऐसा बयान दिया जाए जिससे दोनों ही समुदाय में हलचल और बेचैनी बढ़ जाए.

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