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कहाँ तक सही हैं विदेशों में भारतीय मूल के लोगों पर हो रहे हमले??

assaut on indian sikh in uk

एक बार फिर से एक भारतीय को इंग्लैंड में मारा-पीटा गया. नीचे दिए गए विडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह उस आदमी को बेरहमी से मारा जा रहा है और किस तरह लोग, दर्शक बने, उस आदमी को मार खाते हुए देख रहे हैं!

इस बार यह वाख्या इंलैंड के बर्मिंघम शहर में हुआ. ऐसा क्यों हुआ? इसकी वजह का खुलासा अभी तक  नहीं हुआ है. और होना भी क्यों चाहिए?

हम भारतीय दूसरे देशों में मार खाने ही तो जाते हैं.
उन लोगों ने बिलकुल सही किया!
आपको क्या लगता है?

बिलकुल गलत किया!!!!
ऐसे समय पर इंसानियत न जाने कहाँ घास चरने को चली जाती है?
जब वह भारतीय मूल का आदमी उन लोगों की मार खा रहा था तब आस-पास खड़े लोगों में से उसकी मदद करने के लिए कोई आगे नहीं बढ़ा!
और यह बात ध्यान में रखिए कि यह सब उस देश में हुआ है जिस देश की न्यूज़ एजेंसी ने भारतीय आदमियों पर बलातकारियों का ठप्पा लगाने में रत्ती भर की कसर नहीं छोड़ी थी. अब क्या हुआ BBC को? कहाँ है BBC? क्या BBC को यह सब नज़र नहीं आता? हम BBC की निंदा नहीं कर रहे लेकिन ऐसे समय पर इतने बड़े-बड़े मीडिया हाउस कहाँ गायब हो जाते हैं? दूसरे देशों पर इलज़ाम लगाने से पहले खुदके गिरेबान में झाँक कर देखना चाहिए.

वेस्ट मिडलैंड पुलिस कर्मियों का बयान था कि यह विडियो 6 महीने पुराना है. इस पर एक और सवाल.
तब पुलिस कहाँ थी? वेस्ट मिडलैंड पुलिस ने यह भी कहा है कि उस सिख पुरुष को जातिवाद और धर्म के आधार पर मारा पीटा गया. जी हाँ! ‘जातिवाद’ और ‘धर्म’

यह घटना इंग्लैंड देश के लोगों के लिए शर्मनाक है! आखिर यह हमले कब तक होते रहेंगे?
सिर्फ इंग्लैंड में नहीं! ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में पहले भी हो चुकी हैं. हम ऐसी चीज़ों के सख्त खिलाफ हैं और इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.

मैं अंत में महात्मा गाँधी जी द्वारा कहे एक वाक्य को आपके सामने रखना चाहूँगा.
“अहिंसा दृढ़ लोगों का हथियार होता है!”

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