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अंडमान के सेंटिनल द्वीप पर अमेरिकी टूरिस्ट की हत्या, जानिए क्यों खतरनाक है ये द्वीप

अमेरिकी टूरिस्ट की हत्या

अमेरिकी टूरिस्ट की हत्या – अंडमान-निकोबार में एक अमेरिकी टूरिस्ट की हत्या से सनसनी फैल गई है. खबरों के मुताबिक, आदिवासियों ने तीर से उसकी हत्या कर दी.

कहा जा रहा है कि वो अवैध तरीके से सेंटिनल आइलैंड पहुंच गया था जहां लोगों का जाना मना है और यहीं पर आदिवासियों ने उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है.

शायद आपने सेंटिनल आइलैंड का नाम सुना होगा. यह अंडमान-निकोबार द्वीप का मशहूर आइलैंड है, लेकिन ये मशहूर है किसी और वजह से. दरअसल, इस आइलैंड पर लोगों को जाने की मनाही है क्योंकि यहां जाने वाला ज़िंदा लौटकर नहीं आता. प्रशांत महासागर के नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर रहने वाले सेंटिनेलिस जनजाति के लोगों का आधुनिक युग से कोई लेना- देना नहीं है.

वह ना तो किसी बाहरी व्यक्ति के साथ संपर्क रखते हैं और ना ही किसी को संपर्क रखने देते हैं. जब भी उनका सामना किसी बाहरी व्यक्ति से होता है तो वे हिंसक हो उठते हैं और घातक हमले करते हैं.

साल 2006 में कुछ मछुआरे गलती से इस आइलैंड पर पहुंच गए थे. इससे पहले कि वे कछ समझ पाते, उन्हें अपनी जान गवांनी पड़ी. इस जनजाति के लोग आग के तीर चलाने में माहिर माने जाते हैं. ये आइलैंड करीब 60,000 साल पुराना है. एक अनुमान के अनुसार इस जनजाति से संबंधित लोगों की संख्या कुछ दर्जन से लेकर 100-200 तक हो सकती है, इनकी सही संख्या किसी को पता नहीं है. चूकि ये लोग बाहरी लोगों को अपने आसपास आने नहीं देते इसलिए इनके रिति-रिवाज, भाषा, रहने के तरीके के बारे में किसी को सही जानकारी नहीं है.

अकसर इस जनजाति के लोगों को पाषाण काल की जनजाति भी कहा जाता है, क्योंकि तब से लेकर अब तक इनमें कोई बदलाव नहीं आया है. यह जनजाति विश्व की सबसे ज्यादा खतरनाक और बेहद अलग-थलग रहने वाली जनजाति मानी जाती है. इतना ही नहीं यह एकमात्र ऐसी जनजाति है, जिनके जीवन या अंदरूनी मामलों में भारत सरकार भी दखल नहीं देती है.

अमेरिकी टूरिस्ट की हत्या – तो अगर कभी आप भी अंडमान निकोबार घूमने जाएं तो भूलकर भी सेंटिनल आइलैंड जाने की गलती न करें, वरना वो आपकी आखिरी यात्रा साबित हो सकती है.