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…और बदल दिया अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाईट हाउस का रंग

सतरंगी रंगों से रंगा वाइट हाउस और नियाग्रा फॉल

और इस रंग का कारण था अमेरिकी कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जिसका दुनिया के अधिकतर लोग समर्थन कर रहे है.

बहुत समय से अमेरिका के समलैंगिक समुदाय की मांग थी कि सामान अधिकारों की तरह ही उन्हें विवाह का अधिकार भी दिया जाए. सालों की जद्दोजहद और लड़ाई के बाद पिछले हफ्ते अमेरिकी कोर्ट ने इस कानून को मंजूरी दे दी. इस कानून के पारित होने के साथ ही अमेरिका में समलैंगिकों को वो सब अधिकार प्राप्त हो गए है जो की किसी भी नागरिक को होते है.

अब वो भी अपनी मर्ज़ी से कानूनन विवाह कर सकते है, एवं उन्हें वो सब सुविधाए मिलेगी जो एक शादीशुदा जोड़ों को मिलती है.

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इस कानून के पास होने के बाद ही पूरे अमेरिका में समलैंगिक समुदाय और आम लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी. हर तरफ समानता को प्रदर्शित करने वाले सतरंगी बनने, झंडे लाइट्स दिखाई देने लगी.
फेसबुक ने भी इस उपलक्ष्य में फेसबुक यूजर्स को अपनी प्रोफाइल फोटो में ये रंग लगाने का ऑप्शन दिया.

जब पूरी दुनिया समानता के रंग में रंगी हो तो फिर वाइट हाउस कैसे पीछे रहे. हमेशा सादगीपूर्ण सफ़ेद रंग में दिखने वाला व्हाईट हाउस भी इस मौके पर खुद को सतरंगी करने से नहीं रोक पाया.

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और अमेरिकी राष्ट्रपति ने बदल दिया व्हाईट हाउस का रंग
न सिर्फ व्हाईट हाउस बल्कि विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा फाल्स में भी लाइट्स का रंग मौके के हिसाब से बदल दिया गया.

विश्व के अधिकतर देशों ने इस फैसले का स्वागत किया है, वही कुछ देशों ने इसे धर्म और ईश्वर के विरुद्ध बताते हुए इस फैसले का विरोध किया है.
भारत में इसका समर्थन और विरोध दोनों ही किया जा रहा है.

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गौर करने लायक है की भारतीय कानून के तहत समलैंगिकता अपराध है. भारत में सम्लैंग्की विवाह जैसा कानून पास होने से पहले इए कानून की ज़रूरत है जो समलैंगिकों के अधिकारों की रक्षा करे.

अभी जैसी स्थिति है उसमें तो समलैगिकों के लिए कोई रौशनी की किरण नहीं है, आम जनता और प्रशासन दोनों ही इन लोगों से दुरी बनाकर रखते है.

आशा है अमेरिकी कानून के बाद शायद दुनिया के दुसरे देशों में भी स्थिति बदले और इन लोगों को यथोचित अधिकार मिले.