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वाह ये भी गजब, मध्यप्रदेश में शराब की बोतल कर रही है चुनाव प्रचार

शराब की बोतले

शराब की बोतले – चुनावी माहौल में ये बात बेहद आम होती है कि नेता पक्ष- विपक्ष के लोग एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप का चुनावी खेल खेलते हैं, लेकिन इस बात में अगर कोई नेता खुद ही अपनी चुनावी छवि गिराने में लगा हो तो फिर इसमें किसी ओर का क्या दोष।

ये पूरा बवाल दरअसल एक चुनावी प्रचार की देन हैं, जिसमें मध्यप्रदेश में शराब की बोतले चुनाव प्रचार कर रही है।

चुनावी माहौल के दौरान अक्सर चुनाव प्रचार में अपनाये गए  पैतरे खुद नेताओं पर ही भारी पड़ जाते है। इतना ही नहीं कभी कभी तो पूरी पार्टी को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ जाता है। कई बार विवाद इस कदर बढ़ जाता है कि आम लोगों पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। देश-प्रदेश को नेताओं के इस तरह के बेपरवाह कारनामों से बचाने के लिए चुनाव आयोग भी पार्टियों और नेताओं के चुनावी प्रचारों पर नजर रखता है। ताकि किसी भी तरह की कोई भी विवादित स्थिति आने से पहले उस का निवारण किया जा सके।

शराब की बोतले

चुनाव आयोग के इतने कड़े प्रावधानों के बाद भी मध्य प्रदेश के झाबुआ में जिला निर्वाचन अधिकारी पर शराब की बोतले का विवादित चुनावी विज्ञापन करने का आरोप लगा है।

इतना ही नहीं इस विज्ञापन पर मतदान अवश्य करने की अपील भी की गई है।

आखिर क्या है ये शराब की बोलतों के चुनाव प्रचार का पूरा मामला

दरअसल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को चुनाव के लिए प्रेरति करने के लिए झबुआ जिला प्रशासन ने पर्चे बटवायें।

शराब की बोतले

इन पर्चों के कई स्टीकर उन्होंने वहां की शराब की दुकानों पर भी बांट दिए, जिसका उपयोग उन स्टीकर्स को शराब की बोतले के ऊपर उसे आम लोगों के बीच पहुचाने में किया गया और बड़ी बात तो ये रही कि ये फरमान जिला प्रशासन द्वारा ही जारी किया गया था। सरकार का यह फरमान जब बाजार में पहुंचा, तो लोगों ने इसकी जमकर आलोचना की। इतना ही नहीं प्रशासन के इस कदम की सोशल मीडिया पर भी जमकर आलोचना हुई। सोशल मीडिया पर इसके लगातार वायरल होने के बाद सरकारी महकमों की भी नींद टूटी और उन्होंने इस मामले पर तुरन्त कार्यवाही की। लोगों द्वारा इस प्रचार की आलोचना को ध्यान में रखते हुए झबुआ के जिला प्रशासन ने इस प्रचार को तत्काल ही बंद करने के आदेश दे दिए और सभी शराब की दुकानों से इन चुनावी प्रचार के पर्चोॆ को तत्काल वापस मंगा लिया। इस तरह जहां एक ओर कई प्रदेश सरकारे शराब बंदी करने का प्रयास कर रही है वहां मध्य प्रदेश में इस प्रकार से लोगों को चुनाव के प्रति जागरूक करना किस हद तक सही है।

बतां दे कि मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटों पर 28 नवंबर चुनाव होने वाले है, जिसके लिए सभी पार्टिया अपने अपने तरीकें से चुनाव प्रचार में लगी हुई है।

बतां दे कि मध्य प्रदेश के अलावा अन्य 4 राज्यों राजस्थान, मिजोरम, छत्तिसगंढ़ और तेलंगाना में भी विधानसभा चुनाव होने वाले है। सभी जगह चुनावों की तारिखों के एलान के साथ ही चुनावी प्रचार जोरो शोरो से चल रहे हैं। मध्य प्रदेश में 28 तारिख को होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को आ जायेंगे।

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