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राजीव गांधी की हत्या के बाद बेनजीर भुट्टों ने सोनिया गांधी से कहा था कि…

राजीव गांधी की हत्या

बात उस वक्त की है जब राजीव गांधी की हत्या हुई थी. राजीव के अंतिम संस्कार के बाद तमाम विदेशी प्रमुख और नेता सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे थे.

राजीव गांधी की हत्या के बाद बेनजीर भुट्टों भी उनके अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए पाकिस्तान से दिल्ली आई थी.

पाकिस्तान की नेता बेनजीर भुट्टो जब सोनिया गांधी से मिली थी तो उन्होंने सोनिया गांधी को सलाह दी थी कि वो भूलकर भी राजनीति में न आए. उन्हें अपने बच्चों की खातिर सियासत से दूर ही रहना चाहिए.

जब विदेशी लोग सोनिया गांधी को सांत्वना देने के लिए उनसे मिल रहे थे तो इस दौरान नटवर सिंह लगातार सोनिया के साथ थे. जब नटवर सिंह ने बेजनजीर के मुंह से ये शब्द सुने, तो इस पर नटवर ने प्रतिवाद करते हुए कहा, आप जो सलाह सोनिया गांधी को दे रही हैं, उस पर आपने खुद अमल क्यों नहीं किया.

गौरतलब है कि बेनजीर भुट्टों के पिता जुल्फिकार अली भुट्टो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे और फौजी तख्तापलट के बाद उन्हें फांसी दे दी गई थी. अपने पिता की मौत के बाद बेनजीर राजनीति में आई और उन्होंने बाद में पिता की राजनीतिक विरासत संभाली.

आपको बता दें जिस वक्त बेनजीर ने पहली बार पाकिस्तान की बागडोर संभाली उस वक्त राजीव गांधी भारत के प्रधानमंत्री थे. राजीव और बेनजीर में बड़ी अच्छी केमेस्ट्री थी. दोनों युवा नेता थे और दोनों नेताओं के आपसी संबंध काफी अच्छे थे.

राजीव गांधी और बेनजीर भुट्टो की वजह से दुनिया में दक्षिण एशिया की भी अच्छी पहचान बनी. यही नहीं दोनों के राष्ट्राध्यक्ष रहते भारत-पाकिस्तान के संबंध भी अच्छे हुए. खास बात यह भी थी कि दोनों ही दोनों देशों के बड़े नेताओं की संतानें थीं.

बेनजीर भुट्टों एक आमीर पिता की पुत्री थी उनके पिता भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे, मिजाज से बेनजीर भुट्टों को पाकिस्तान का नेहरू भी कहा जाता है यानि बेहद दिलफेंक.

लेकिन समय का खेल देखिए राजीव गांधी की हत्या हुई और राजीव गांधी की तरह बेनजीर भुट्टों की भी एक चुनावी रैली में हत्या कर दी गई.

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