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100 साल बाद बना है इस करवा चौथ पर ये बेहद फलदाई संयोग !

करवा चौथ पर खास संयोग

पति की लंबी उम्र और सेहत के लिए वैसे तो हर साल महिलाएं करवा चौथ के पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाती हैं, लेकिन इस बार करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष फलदायी साबित होनेवाला है क्योंकि करीब 100 साल बाद करवा चौथ पर खास संयोग बन रहा है.

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इस वर्ष करवा चौथ पर खास संयोग –

100 साल बाद बना करवा चौथ पर खास संयोग

इस बार करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र, बुधवार का दिन, सर्वार्थ सिद्धि योग और गणेश चतुर्थी का संयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक यह संयोग बेहद शुभ फलदायी माना जाता है.

इस दिन गणेश जी की पूजा का खास महत्व होता है. बात करें ग्रह नक्षत्रों की तो इस दिन चंद्रमा शुक्र की राशि वृष में उच्च के होंगे. बुध अपनी ही राशि कन्या में होंगे जबकि शुक्र और शनि एक साथ वृश्चिक राशि में विराजमान होंगे.

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस बार करवा चौथ का व्रत धारण करने से महिलाओं को 100 व्रतों का विशेष फल प्राप्त होगा. यह करवा चौथ न सिर्फ लंबी उम्र की सौगात देगा बल्कि संतान की कामना करनेवाले दंपत्तियों को संतान का सुख भी देगा.

करवा चौथ पर लग सकता है अपयश

इस बार एक ओर जहां करवा करवा चौथ पर खास संयोग का निर्माण हो रहा है तो वहीं शास्त्रों के अनुसार इस बार चांद को देखना अपयश का कारण भी बन सकता है. शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ की तिथि और अपयश में गहरा संबंध बताया जाता है.

शास्त्रों में चतुर्थी तिथि को रिक्ता और खला कहा जाता है. इस दिन यानि चतुर्थी तिथि को शुभ कार्य वर्जित होते हैं.

कहा गया है कि चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से अपयश और कलंक लग सकता है. खास तौर पर करवा चौथ को चंद्र दर्शन निषेध होता है.

अपयश को दूर करने के उपाय

करवा चौथ के दिन अपयश को दूर करने के लिए सबसे पहले भगवान गणेश के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए. फिर उसके बाद लड्डुओं का भोग लगाकर ” वक्रतुंडाय हुं” मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए.

फिर तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें सफेद फूल डालकर नीची निगाह से चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए. ऐसा करने से अपयश का दोष भंग हो जाता है, इसलिए महिलाएं इस दिन चंद्रमा को छन्नी या परछाईं में देखती हैं.

ऐसे बनाएं करवा चौथ को बेहद खास

अपने पति की लंबी उम्र के लिए जो महिलाएं करवा चौथ का व्रत करती हैं इससे न सिर्फ उनके पतियों को लंबी उम्र मिलती है बल्कि उन्हें अपने जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता है.

करवा चौथ के दिन भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, गणेश और चंद्रमा का पूजन किया जाता है. चंद्र उदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर उनकी पूजा करनी चाहिए. पूजा के बाद मिट्टी के करवे में चावल, उड़द की दाल और सुहाग की सामग्री रखकर सास या सास के समकक्ष किसी सुहागिन के पैर छूकर सुहाग सामग्री भेंट करनी चाहिए.

यकीनन इस बार का करवा चौथ उन सभी महिलाओं के लिए यादगार साबित होनेवाला है जो अपने पति के लिए निर्जला व्रत धारण कर रही हैं,  क्योंकि 100 साल बाद बना करवा चौथ पर खास संयोग सभी महिलाओं के लिए खास फलदायक माना जा रहा है.

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