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जिंदगी में दुख की घड़ी आए तो अब्दुल कलाम की कही 3 बातें याद रखना

डॉ. अब्‍दुल कलाम

डॉ. अब्‍दुल कलाम – जिंदगी में सुख और दुख लगे रहते हैं। ऐसा कोई भी एक इंसान नहीं होगा जिसे जिंदगी में कभी दुख ना मिला हो या जिसने कभी सुख की खुशी महसूस ना की हो। फिर भी हम सबको सुख की घड़ी छोटी और दुख की घड़ी लंबी लगती है।

दोस्‍तों, दुख के पलों में सबसे पहले तो वो लोग साथ छोड़ते हैं जो हमारे सच्‍चे दोस्‍त या शुभचिंतक नहीं होते हैं या जो बस किसी मतलब या स्‍वार्थ के लिए हमारे साथ होते हैं। कई बार दुख की घड़ी में इंसान खुद को अकेला भी महसूस करने लगता है। जब भी इंसान की जिंदगी में सुख का समय आता है तो वो अपने सभी दुखों को भूलकर इस संसार रूपी सागर में खुशियां मनाता है लेकिन इसके उलट जब दुख आता है तो उसे ऐसा लगने लगता है कि इस दुनिया में मानव रूप में जन्‍म लेना ही व्‍यर्थ है।

एक मजबूत इंसान की पहचान यही है कि वो दुख की घड़ी में कभी घबराता नहीं है और उसका डटकर मुकाबला करता है। वैसे भी जीत उन्‍हीं की होती है जो मंजिलों को देखकर डरते नहीं हैं। आज हम आपको पूर्व राष्‍ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. अब्‍दुल कलाम की कही गई ऐसी तीन बातें बताने जा रहे हैं जो जीवन में दुख के समय आपको याद रखनी चाहिए।

डॉ. अब्‍दुल कलाम –

पहली बात

डॉ. कलाम की पहली बात यह है कि हम जो भी काम करते हैं उसमें या तो हमें सफलता मिलती है या फिर असफलता लेकिन अगर कोई किसी काम में असफल भी होता है तो उसे उससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है और असल में असफलता ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होती है। इसलिए दुख के समय किसी भी काम को करने से डरने की जगह उसका डटकर मुकाबला करना चाहिए।

दूसरी बात

हर इंसान को अपने दिमाग में ये बात बिठा लेनी चाहिए कि भले ही सुख के समय उसके साथ कई लोगों की भीड़ थी लेकिन दुख की घड़ी में उसे अकेले ही चलना होगा। ऐसे समय में अपने भी पराए हो जाते हैं। हालांकि, इसी समय में अपने और पराए का भेद पता चलता है। ऐसे समय में किसी की सहायता की अपेक्षा करने के बजाय खुद ही अपनी समस्‍याओं का हल निकाले।

तीसरी बात

डॉ. कलाम का कहना था कि अकसर लोग अपनी मंजिलों में आई असफलताओं को देखकर दुखी हो जाते हैं और उन रास्‍तों पर भटक जाते हैं। वह जीवन में कभी सफल नहीं हो पाते हैं। अगर आपको सफल होना है तो कांटो की राह पर चलना सीखना होगा।

पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. अब्‍दुल कलाम द्वारा की गई इन बातों को जीवन में उता लेंगें तो आपके जीवन का मुश्किल समय आसानी से कट जाएगा वरना अगर दूसरों से उम्‍मीद करते रहे तो परेशानियां बढ़ती ही जाएंगीं।

वैसे भी दुख के समय इंसान का सबसे साथी उसकी हिम्‍मत होती है। अगर हिम्‍मत टूट गई तो जिंदगी खत्‍म सी लगती है और अगर हिम्‍मत साथ रही तो हर मुश्किल पार कर इंसान तूफानों से भी उबर जाता है।

आपको भी अपने जीवन के मुश्किल समय में कलाम साहब की इन तीन बातों को याद रखना है।