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कभी मिली थी गन पॉइंट पर धमकी आज है ब्रह्माण्ड सुंदरी

डेमी ले

डेमी ले – भारत के लिए ये साल बहुत ही सुंदर रहा. इसी साल १७ साल बाद भारत को दोबारा उसकी मिस वर्ल्ड मिली. मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का ताज पहनकर देश का मान बढ़ाया. मिस वर्ल्ड के बाद मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिता हुई और इसमें बाज़ी मारी दक्षिण अफ्रीका की डेमी ले.

डस्की स्किन वाली डेमी बला की खूबसूरत हैं और ९२ सुंदरियों में से उसने ये ताज अपने नाम किया.

खूबसूरती के साथ ही दिमाग का गज़ब का मिश्रण है डेमी ले में.

आमतौर पर गोरी लड़कियों के बीच डस्की स्किन वाली लड़कियां थोड़ा डल पड़ जाती हैं, डेमी ले का आत्मविश्वास ही उन्हें इस प्रतियोगता में विजयी बनाया. अमेरिका के लॉस वेगास में रविवार रात को हुई इस प्रतियोगिता में दुनियाभर की क़रीब 92 सुंदरियों ने हिस्सा लिया था. डेमी ले  66वीं मिस यूनिवर्स चुनी गई हैं.

इस प्रतियोगिता के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका, जमैका और कोलंबिया की उम्मीदवार पहुंची थीं.

इस प्रतियोगिता में फ़र्स्‍ट रनर-अप मिस कोलंबिया रहीं और मिस जमैका तीसरे पायदान पर चुनी गईं.

डेमी ले खूबसूरत होने के साथ ही पढ़ी लिखी भी हैं. डेमी ले के पास नॉर्थ वेस्ट यूनि​वर्सिटी से बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री है. मिस यूनिवर्स वेबसाइट के मुताबिक डेमी-ले की सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी सौतेली बहन हैं जो विकलांग हैं. डेमी अपने जीवन में कई बार हार का सामना भी कर चुकी हैं.

इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उनकी सौतेली बहन ने उन्हें कई तरह से प्रोत्साहित किया.

डेमी को देखने के बाद कोई नहीं कह सकता कि किसी वक्त डेमी ले लोगों से बहुत डरा करती थीं और वो घर से बाहर निकलती ही नहीं थीं. अपनी पढ़ाई को ही अपना सबकुछ मानने वाली डेमी अपनी सौतेली बहन से बहुत प्यारा करती हैं.

उनकी सौतेली बहन अपाहिज है, लेकिन उसका आत्मविश्वास गज़ब का है. इस हालत में भी वो कभी हार नहीं मानतीं और यही हौसला वो डेमी को देती रहीं. डस्की स्किन के कारण डेमी ब्यूटी कांटेस्ट में जाने से पहले कतराती थीं, लेकिन उनकी बहन ने उनका हौसला बढ़ाया.

डेमी जो आज मिस यूनिवर्स बन चुकी हैं, यानी इस पूरे ब्रह्माण्ड में उनसे खूबसूरत और कोई भी नहीं है. इस खूबसूरती के पीछे कोई और डेमी है, जो बहुत ही डरी और सहमी हुई सी रहती थी. एक इंटरव्यू में डेमी ने कहा कि एक बार जब वो स्कूल में थीं तब उन्हें गन पॉइंट पर कुछ गुंडों नें रखा था. उस समय डेमी बहुत डर गई थीं. अपने खाली समय में डेमी ले ऐसे कार्यक्रम को लेकर उत्साहित रहती हैं जिसे ​महिलाओं को सेल्फ़-डिफ़ेंस सिखाने के लिए शुरु करने में उन्होंने मदद की है. 22 साल की डेमी-ले ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्हें किसी ने गन प्वाइंट पर रखकर धमकाया था तब से वह सेल्फ़-डिफ़ेंस के महत्व को लेकर और सजग हो गई हैं.

आजकल हर कांटेस्ट में महिलाओं से रिलेटेड सवाल जवाब होते हैं और इसका सही उत्तर देने वाली को विजेता चुना जाता है. दक्षिण अफ्रीका की डेमी ले ने दुनिया की लड़कियों को ये जता दिया है कि किसी के डर से डरने की ज़रुरत नहीं है बल्कि उसके विपरीत अपने में हौसला भरने की ज़रुरत है.