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बकरी नोटें चबा रही है – कबाड़ी 500 और 1000 की रद्दी मांग रहा है – यही तो हैं अच्छे दिन !

कालाधन

नोट पर सर्जिकल स्टाईक !!!

देरा रात एक और सर्जिकल स्टाईक हुई।

इस बार यह सर्जिकल स्टाईक सेना नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी खुद की। यह स्टाईक देश के सीमा के बाहर नहीं बल्कि देश के सीमा के भीतर ही हुआ है। इसके बाद पाकिस्तान की जगह पूरे देश में खलबली मच गई।

देर रात मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को लेकर अहम फैसला लिया। इस फैसले के तहत 9 नवम्बर की मध्यरात्रि से ही 500 और हजार रुपये के नोट बंद कर दिया गया। इस खबर से बाद ही सभी सोशल साईट पर इसी खबर की अम्बार लग गई।

लोगों ले अपने अपने अंदाज में इस खबर पर प्रतिक्रिया दी।

किसी ने लिखा जिसके पाल काला धन नहीं है वह वटसअप पर हैं बाकि सब हिसाब लगा रहे हैं। तो किसी ने इसे 9/11 के बाद सबसे बड़ी धटना बताई।

हम आपको बताते हैं कुछ चुनींदा प्रतिक्रिया, जो आपको गुदगुदाएंगे, हसाएंगे और सोचने पर भी मजबूर कर देगें…

1 – असली काला धन तो अब निकलेगा जव पत्नियां कहेंगी की अजी मेरे पास भी इतने 500 और 1000 के नोट हैं इन्हें भी बैंक से बदल लाओ

2 – 500 और 1000 का नोट बंद भरे बोरों को अब कहां लेकर जाओगे देश के लुटेरों

– नमो की सिंहगर्जना🚩🚩

3 – मुझे बाहर निकालो मुझे भी नोट बदलने हैं

– आसाराम बापू

4 – जीवन में पहेली बार गरीब होने का आनंद हुआ – अलग अलग बैंको में 4 अकाउंट है – सब में जीरो बैलेंस है। आपके संकट की इस घड़ी में किसी के काम आ सकता हूँ तो जरुर सम्पर्क करें।

5 – बकरी नोट चबा रही है – कबाड़ी वाला हज़ार की रद्दी मांग रहा है – यही तो हैं अच्छे दिन

6 – विदेशों मे कालाधन रखने वालों को कोई फर्क नही पड़ेगा क्योंकी उनका कालाधन तो स्विस बैंक मे जमा है जो अंतरराष्ट्रीय करेंसी मे जमा है। और वह भी ऑनलाइन ट्रांसफर हुआ है । तो भाई जिनका स्विस बैंक अकाउंट है वो निश्चिंत रहे उनका कालाधन सुरक्षित है ।

7 – आज रात जिस घर की लाइट जलती हुइ दिखे समझलो नोटो की गिनति चल रही हे.

8 – एक पत्रकार ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, ‘इस पहलू पर भी ग़ौर किया जाना चाहिए कि 500 और 1000 के नोटों के बंद का सबसे ज्यादा नुकसान गरीब आदमी को ही झेलना पड़ेगा क्योंकि ऐसा नहीं है कि 500, 1000 के नोटों के बंद होने के बाद ब्लैक मार्केट में ज़ाली नोट आना बंद हो जायेगा. अभी तक 500 रूपये के ज़ाली नोट का झटका जैसे-तैसे गरीब झेल लेता था. लेकिन अब उसे सीधा 2000 का झटका खाने के लिए तैयार रहने की ज़रूरत है.

9 – वैसे भी 2000 के नोटों के आगमन के साथ ही चोर-उच्चक्के, जेब तराश डबल फॉर्म में एक्टिव हो जायेंगें.

10 – ऐसा होगा नहीं कि सरकार ने जिन पर लगाम कसने के लिए ये क़दम उठाया है, उन्हें इस घोषणा की पूर्व जानकारी नहीं होगी. अगर नहीं भी होगी तो वे इतने शातिर हैं कि अपने क़ाले धन को किसी भी तरह आसानी से सफ़ेद में तब्दील करने की कोशिश करेंगे.

कुल मिलाकर काले धन वालों से कहीं ज्यादा आम जनता पर इस कदम का असर पड़ेगा. सरकार को चाहिए की ज़ाली नोट की प्रिंटिंग हो ही न पाये, ऐसे ठोस कदम उठाने पर ध्यान दे.

थोडा हँसाना भी ज़रूरी है –

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लोलिस्थान

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