विदेश

दूसरे विश्व युद्ध की दर्दनाक तस्वीरें ! इस युद्ध में 15 लाख भारतीय हुए थे शहीद

मानव इतिहास में दूसरा विश्व युद्ध सबसे ज्यादा घातक युद्ध साबित हुआ.

इस युद्ध ने न केवल कई देशों को जड़ से ही खत्म कर दिया, बल्कि करोड़ों लोगों की इस महायुद्ध में जानें भी चली गईं, जिसमें 15 लाख भारतीय भी शामिल थे. (यह आंकड़ा आप कभी पराधीन नहीं हुआ भारत, पुस्तक से जांच सकते हैं).

इस घटना में असैनिक नागरिकों के नरसंहार के लिए होलोकॉस्ट और परमाणु हथियारों का एकमात्र इस्तेमाल किया गया था. (ये दूसरे विश्व युद्ध की तस्वीरें बयान करती है. )

दूसरा विश्व युद्ध और उसकी तस्वीरें और तथ्य कुछ इस प्रकार हैं-

दूसरा विश्व युद्ध – 

1. द्वितीय विश्व युद्ध का 1939 से 1945 तक चलने वाला विश्व-स्तरीय युद्ध था. लगभग 70 देशों की थल-जल-वायु सेनाएं इस युद्ध में सम्मलित थीं और विभिन्न राष्ट्रों के लगभग 10 करोड़ सैनिकों ने इसमें हिस्सा लिया था. यह तस्वीर युद्ध के दर्द को बया करने के लिए काफी है.

2. इस युद्ध में लिप्त सारी महाशक्तियों ने अपनी आर्थिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक क्षमता इस युद्ध में झोंक दी थी. इस युद्ध में विश्व दो भागों मे बंटा हुआ था, एक मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र.

3. द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत 1 सितंबर 1939 ई. में हुई एवं इसका अंत 2 सितंबर 1945 ई. में हुआ, जिसमें 61 देशों ने हिस्सा लिया था.

4. द्वितीय विश्वयुद्ध के समय भारत पर अंग्रेजों का कब्जा था. इसलिए आधिकारिक रूप से भारत ने भी नाजी जर्मनी के विरुद्ध 1939 में युद्ध की घोषणा कर दी थी.

5. उस समय भारत ने ब्रिटिश राज से आजाद होने के लिए इस युद्ध के लिए अपनी हांमी भरी थी. युद्ध में २० लाख से अधिक सैनिकों को भेजा गया, जिसमें 15 लाख भारतीयों ने अपनी जान न्यौछावर की थी. सरकारी आंकड़ों में यह संख्या काफी कम दिखाई गई है. यह आंकड़ा आप कभी पराधीन नहीं हुआ भारत, पुस्तक से जांच सकते हैं.

6. ब्रिटिश नियंत्रण के अधीन धुरी शक्तियों के विरुद्ध यह युद्ध लड़ा गया था, जिसके लिए सभी देसी रियासतों ने अंग्रेजों को युद्ध के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि प्रदान की थी. असल में दूसरा विश्व युद्ध इंसान का अंत ही था.

7. बूढ़े और बच्चे इस समय कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता था. तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कैसे बच्चे अपनी जान बचाकर भागते थे.

8. अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे बड़ा योगदान संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्‍थापना करना है. जब युद्ध खत्म हुआ तो उसके बाद संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गयी थी ताकि आगे ऐसा ना हो. असल में अमेरिका को डर था कि अब अगला परमाणु हमला हमपर ना हो, इसलिए इस संस्था की स्थापना की गयी थी.

9. अमेरिका द्वितीय विश्वयुद्ध में 8 सितंबर 1941 ई. में शामिल हुआ. उस समय अमेरिका का राष्ट्रपति फैंकलिन डी रुजवेल्टई था.

10. द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी की पराजय का श्रेय रूस को जाता है. जर्मनी की हार ने सबको हिलाकर रख दिया था. उस समय जर्मनी एक बड़ा ताकतवर देश था.

11.अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 ई. में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर एटम बम गिराया गया था, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्रों के द्वारा पराजित होने वाला जापान अंतिम देश था.

12. इस परमाणु हमले के बाद जापान पूरी तरह से तबाह हो गया था. वैसे अमेरिका ने इंसानियत के लिए यह सही नहीं किया था. जापान के मासूम लोग भी इसकी वजह से मर गये थे.

ये था दूसरा विश्व युद्ध – दूसरा विश्व युद्ध में कई लोगों ने अपनों को खोया है. खासकर, भारत और जापान उसमें से एक रहे हैं.

सच तो यह है कि भारत के मासूम लोगों ने सिर्फ और सिर्फ भारत की आजादी के लिए यह लड़ाई लड़ी थी, लेकिन आजादी के बाद इन लोगों को उनका हक़ नहीं मिल पाया है.

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