<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>dadari kand Archives - Youngisthan.in</title>
	<atom:link href="https://www.youngisthan.in/hindi/tag/dadari-kand/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.youngisthan.in/hindi/tag/dadari-kand/</link>
	<description>Empowering Youth</description>
	<lastBuildDate>Tue, 20 Oct 2015 04:53:05 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.4.2</generator>
	<item>
		<title>भारत पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में देखे अमेरिका.</title>
		<link>https://www.youngisthan.in/hindi/first-look-at-yourself-america-15244/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sagar Shri Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2015 04:53:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[america]]></category>
		<category><![CDATA[black]]></category>
		<category><![CDATA[dadari kand]]></category>
		<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[USA]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.youngisthan.in/hindi/?p=15244</guid>

					<description><![CDATA[<p><img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="john-kerry" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />अमेरिका दुनिया में हमेशा ही खुद को एक टेकेदार के रूप में समझता आया हैं, और आये दिन अपना तुगलकी फरमान सुनाकर दुनिया में अपनी ताक़त का प्रदर्शन करता रहता हैं. अब अमेरिका की यही आदत भारत के आतंरिक मामलों में भी दिखने लगी हैं. अभी कुछ दिन पहले अमेरिका ने भारत पर धार्मिक आधार [&#8230;]</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi/first-look-at-yourself-america-15244/">भारत पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में देखे अमेरिका.</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi">Youngisthan.in</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="john-kerry" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" decoding="async" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p>अमेरिका दुनिया में हमेशा ही खुद को एक टेकेदार के रूप में समझता आया हैं, और आये दिन अपना तुगलकी फरमान सुनाकर दुनिया में अपनी ताक़त का प्रदर्शन करता रहता हैं.</p>
<p>अब अमेरिका की यही आदत भारत के आतंरिक मामलों में भी दिखने लगी हैं.</p>
<p>अभी कुछ दिन पहले अमेरिका ने भारत पर धार्मिक आधार पर एक रिपोर्ट निकाली, जिसमे यही  कहा गया कि भारत में धार्मिक असहिष्णुता और असहनशीलता के चलते आये दिन कोई न कोई घटना होती रहती हैं.</p>
<p>धर्म के आधार पर लिखी गई इस रिपोर्ट में यह बताया गया कि भारत जैसे देश में अल्पसंख्यक के रूप में रह रहे ईसाई धर्म के लोगों पर सबसे अधिक हमले हुए हैं. भारत देश में वैसे ही पहले से अल्पसंख्यक समुदायों पर अत्याचार होने के  आरोप आये दिन ही लगते आये हैं, लेकिन इस बार अमेरिका द्वारा किये गए सर्वे थोड़े पक्षपाती भी लगते हैं क्योकि अमेरिका किसी अन्य देश पर उंगली उठाने से पहले ये भी देख ले के तीन उंगली उसकी तरह ही हैं.</p>
<p>कुछ दिन पहले हुए दादरीकाण्ड ने भारत की इमेज पूरी दुनिया में ख़राब की हैं, वही अमेरिका की इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया हैं कि ईसाईयों के 167 से भी ज्यादा धार्मिक स्थलों पर अन्य धर्म के लोगों द्वारा हमले हुए हैं. यदि इन सब बात पर यकीन भी कर लिया जाये तो फिर भी एक देश का दूसरें देश पर दख़ल कितना जायज़ हैं? जबकि उसके खुद के देश और राज्यों में आये दिन नस्लीय दंगे हो रहे हैं.</p>
<p>अमेरिका के फर्गुसन क्षेत्र में माइकल नाम के अश्वेत लड़के को पुलिस द्वारा की गयी मारपीठ के बाद हुई मौत से वहाँ  नस्लीय हिंसा भड़क गयी और इस नस्लीय विवाद की आग इतनी बढ़ गयी की अमेरिका के 9 राज्यों में फ़ैल गयी. हर जगह हिंसा, मार पीठ और दंगे होने लगे. यह सारे झगड़े इतने बढ़ गए कि लोगों द्वारा अमेरिका के झंडा तक जला दिया गया.</p>
<p>फर्गुसन के बाद बाल्टीमोर में भी ऐसे ही एक हादसे में पुलिस हिरासत में एक अश्वेत युवक की मौत से लोगों का गुस्सा और भड़क गया और दंगे रोकने के लिए सरकार को बाल्टीमोर में कर्फ्यू लगा कर स्थिति नियंत्रण में लेनी पड़ी.</p>
<p>नस्लवाद और अश्वेतों के साथ हो रहे ऐसे व्यवहार को देखे तो मार्टिन लूथर किंग द्वारा 60 के दशक में किये आन्दोलन की याद आती हैं, जब अमेरिका में अश्वेतों को वोट करने का भी अधिकार नहीं था लेकिन इस आन्दोलन के बाद ही अश्वेत अपना अधिकार हासिल कर पाए थे.</p>
<p>अब जिस देश में आये दिन हिंसा हो, नस्लवाद जैसी समस्या आज तक चली आ रही हो, वह अगर चौधरी बनकर भारत को या पूरी दुनिया को शांति की नसीहत दे तो सुनने में भी अजीब लगता हैं, क्रोध आता हैं कि अमेरिका पहले खुद को क्यों नहीं सुधारता फिर दुनिया बदलने निकले.</p>
<p>भारत पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में देखे अमेरिका.</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi/first-look-at-yourself-america-15244/">भारत पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में देखे अमेरिका.</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi">Youngisthan.in</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		    <thumbimage>https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/john-kerry-150x150.jpg</thumbimage>
    	</item>
		<item>
		<title>गौ माता पर इतनी राजनीति क्यों हो रही हैं?</title>
		<link>https://www.youngisthan.in/hindi/holy-cow-meat-beef-ban-and-indian-politics-14740/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sagar Shri Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Oct 2015 12:22:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[dadari kand]]></category>
		<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[gau hatya]]></category>
		<category><![CDATA[gau maans]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[मुस्लिम]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदू]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.youngisthan.in/hindi/?p=14740</guid>

					<description><![CDATA[<p><img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="holy-cow beef ban" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" decoding="async" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />अभी कुछ दिन पहले उत्तरप्रदेश के दादरी कांड में कई दिनों से चल रहे गौमांस के मुद्दे ने आग में घी डालने वाला काम कर दिया हैं. कई दिनों से चल रहे बीफ और गौ मांस के मामले में वैसे ही राजनीति गरम हो रखी थी और ऐसी घटनायें पुरे देश में शांति का माहौल [&#8230;]</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi/holy-cow-meat-beef-ban-and-indian-politics-14740/">गौ माता पर इतनी राजनीति क्यों हो रही हैं?</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi">Youngisthan.in</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="holy-cow beef ban" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p>अभी कुछ दिन पहले उत्तरप्रदेश के दादरी कांड में कई दिनों से चल रहे गौमांस के मुद्दे ने आग में घी डालने वाला काम कर दिया हैं.</p>
<p>कई दिनों से चल रहे बीफ और गौ मांस के मामले में वैसे ही राजनीति गरम हो रखी थी और ऐसी घटनायें पुरे देश में शांति का माहौल ख़राब कर रही हैं.</p>
<p>आये दिन देश के नेता गौ माता पर अपने उल-जलूल स्टेटमेंट देकर लोगो की भावनाओं भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. कल ही बिहार में लालूप्रसाद यादव की क्षेत्रीय पार्टी रजद के एक वरिष्ट नेता रघुवंश यादव ने बहुत अजीब सी बात कह दिया. रघुवंश यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि “ये तो अपने वेद और रिचाओं में लिखा गया हैं कि हिन्दू ऋषि मुनि भी गौमांस का सेवन करते थे!”</p>
<p>मिडिया में रघुवंश यादव द्वारा दिए गए इस विवादित बयान के बाद रजद के यह नेता चौतरफ़ा आलोचना के शिकार हो गए और इसकी पीछे की वजह भी यह थी कि उनके द्वारा कही गयी इस बात के लिए जब उनसे रेफरेंस माँगा गया तब उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं था. मिडिया के साथ राजनीति महकमे में भी इस पुरे विवाद पर रघुवंश यादव और रजद को जमकर खरी खोटी सुनाई गयी.</p>
<p>वैसे यह सवाल सही भी हैं कि क्यों गौमाता को लेकर राजनीति की जा रही हैं और वह भी इतने निचले स्तर पर आकर कि वोट बैंक के लिए यह सारे नेता बे-सिर पैर के स्टेटमेंट दे रहे हैं.</p>
<p>इन सब बातों से पहले यह जानना ज़रूरी हैं कि बीफ और गौ मांस में क्या फर्क हैं?</p>
<p>दरअसल गौमांस गाय के मांस को कहा जाता हैं वही बीफ का मतलब गाय प्रजाति में आने वाले अन्य जानवर के मांस से लिया जाता हैं. इन अन्य जीवों में अधिकतर भैंस या बैल को शामिल किया जाता हैं.</p>
<p>एक जानकारी के मुताबिक भारत पुरे विश्व में बीफ निर्यात में दुसरे स्थान में हैं लेकिन भारत में जितने भी क़त्ल खाने हैं वहां भी गाय की हत्या करने को अपराध बताया गया हैं.</p>
<p>आकड़ों के अनुसार देश में मौजूद कसाई खानों में से लगभग 4000 कत्लखाने ही पंजीकृत कत्लखाने हैं इसके अलावा लगभग 25000 ऐसे कसाई घर जिनका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ हैं लेकिन इन सब में भी गौ हत्या पर रोक लगी हैं.</p>
<p>आप को यह बात जान कर आश्चर्य होगा कि देश के बहुत से कसाई घर ऐसे हैं जिसको चलाने वाले लोग किसी और धर्म के नहीं बल्कि हिन्दू धर्म से आते हैं. इन लोगों में कई नेता ऐसे हैं जिनका संबंध अभी की तत्कालीन सरकार और आरएसएस से भी हैं.</p>
<p>लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ हैं कि क्यों गौमांस पर हर एक राजनेता राजनीति करने से बाज़ नहीं आता हैं?</p>
<p>हर बार बहुसंख्यक विरोधी बयान देकर नेता क्या साबित करना चाहते हैं?</p>
<p>उन्हें क्यों ऐसा लगता हैं कि जब तक वह हिन्दुओं का अपमान नहीं करेंगे तब तक उन्हें मुस्लिमों का वोट नहीं मिलेगा? क्या हिन्दू इस देश में बहुसंख्यक होते हुए भी बाकि पार्टीयों के बिलकुल महत्व नहीं रखते हैं, जो आये दिन हिन्दू धर्म के बारे में बेतुके बयान देकर उनकी भावनाओं को चोट पहुचाने की कोशिश की जाती हैं?</p>
<p>गौमांस पर प्रतिबंध हिन्दू धर्म के अलावा इस्लाम और मुग़ल काल में भी था फिर आज के नेता बीफ पार्टी कर के क्या बताना चाह रहे हैं कि मुसलमानों का हिमायती उनसे हिमायती और कोई नहीं हैं. आप ही बताएं आज के नेता राजनीति को किस ओर लेकर जा रहे हैं?</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi/holy-cow-meat-beef-ban-and-indian-politics-14740/">गौ माता पर इतनी राजनीति क्यों हो रही हैं?</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi">Youngisthan.in</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		    <thumbimage>https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/holy-cow-150x150.jpg</thumbimage>
    	</item>
		<item>
		<title>मिडिया &#8221; दादरी काण्ड &#8221; की आग को और भड़का रही हैं.</title>
		<link>https://www.youngisthan.in/hindi/uttar-pradesh-media-and-dadari-kand-14396/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sagar Shri Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2015 08:38:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[beef ban]]></category>
		<category><![CDATA[dadari kand]]></category>
		<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[gau mans]]></category>
		<category><![CDATA[hindu]]></category>
		<category><![CDATA[hindu-muslim]]></category>
		<category><![CDATA[india]]></category>
		<category><![CDATA[muslim]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.youngisthan.in/hindi/?p=14396</guid>

					<description><![CDATA[<p><img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="dadari-kand" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />“तिल का ताड़” कैसे बनाया जाता हैं, इस बात को कोई समझना चाहे तो भारतीय मिडिया द्वारा दी गयी खबर देख ले या पढ़ ले. आग में घी डालने का ऐसा ही काम आज की मिडिया अभी कुछ दिन पहले हुए “ दादरी काण्ड ” में भी कर रही हैं. बिसाह्डा गाँव में हुयी कुछ [&#8230;]</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi/uttar-pradesh-media-and-dadari-kand-14396/">मिडिया &#8221; दादरी काण्ड &#8221; की आग को और भड़का रही हैं.</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi">Youngisthan.in</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="dadari-kand" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p>“तिल का ताड़” कैसे बनाया जाता हैं, इस बात को कोई समझना चाहे तो भारतीय मिडिया द्वारा दी गयी खबर देख ले या पढ़ ले.</p>
<p>आग में घी डालने का ऐसा ही काम आज की मिडिया अभी कुछ दिन पहले हुए “ दादरी काण्ड ” में भी कर रही हैं.</p>
<p>बिसाह्डा गाँव में हुयी कुछ दिन पहले की एक घटना में मिडिया ने जो काम किया हैं, उससे मिडिया की विश्सनीयता पर सवाल उठता हैं कि लोकतंत्र को मजबूत करने वाले चार स्तंभों में से एक कहे जाने वाला यह स्तंभ इतना सम्मान पाने के काबिल हैं भी या नही?</p>
<p>गौ मांस के मामले पर वैसी ही अभी कई दिनों से बहस चल रही हैं और इस बात को लेकर बिसाह्डा गाँव में अभी कुछ दिन पहले मोहम्मद इखलाक को कुछ लोगो ने सिर्फ इसलिए मार दिया क्योकि उसने गौ मांस खाया था. भीड़ ने इखलाक की इस कदर पिटाई की कि कुछ देर बाद अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गयी.</p>
<p>उतेजित भीड़ ने इखलाक के साथ साथ उसके बेटे से भी मार पीट की, जिसकी वजह से वह अभी भी अस्पताल में अपना इलाज़ करा रहा हैं.</p>
<p>इस पूरी घटना के बाद यह गाँव तनाव में हैं.</p>
<p>दरअसल बिसाह्डा गाँव के 80 साल के अभी तक इतिहास में कभी भी कोई मज़हबी उन्माद नहीं हुए हैं. इस गाँव में हिन्दू और मुस्लिम के बीच के समझ और सामंजस्य की हर जगह चर्चा होती हैं, लेकिन इस घटना के बाद मिडिया ने जिस तरह से इस खबर को लोगो तक पहुचाया हैं कि इससे दोनों समुदायों के बीच मनमुटाव बढ़ने की संभावना और बढ़ गयी हैं. मिडिया ने मुहम्मद इखलाक की मौत को इस तरह से पेश किया कि हिन्दु दुनिया की सबसे क्रूर और वहशी कौम हैं. मिडिया द्वारा दिखाई गयी एकतरफा खबरों से यह लग रहा हैं कि हिन्दुओं से बड़े शैतान और कोई नहीं हैं और इस पुरे मामले को एक साम्प्रदायिक रंग दे दिया हैं.</p>
<p>इन बातो की प्रमाणिकता के लिए आईएं आप को कुछ बड़े अखबारों की खबरे पढ़ाते हैं. “नवभारत टाइम्स” की खबर के अनुसार घटना पीड़ित इखलाख ने मारपीट से 15 मिनिट अपने एक हिन्दू दोस्त मनोज को फोन किया था लेकिन मनोज के घटना स्थल तक पहुचने से पहले इखलाख की मौत हो चुकी थी. इसी तरह उस इलाके के एक और अखबार “नयी दुनिया” में भी हिन्दुओं को एक आतंकवादी के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गयी हैं. मिडिया को जहा इस विषय में यह कोशिश करनी चाहियें कि उस क्षेत्र में शांति बनी रहे वहीँ इसके उल्टे पूरी मिडिया उसे धर्म के रंग में रंगने की कोशिश कर रही हैं.</p>
<p>मिडिया ने गौ मांस खाने के इस मामले में हिन्दुओं को फांसीवादी और बर्बर सम्प्रदाय के रूप में पेश करने की कोशिश की हैं वही ये भी कहा कि हिन्दू अपने बहुसंख्यक होने की बात का फायदा उठा कर अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने ने इस गाँव का पूरा सच दिखने की ज़रा भी तकलीफ नहीं की.</p>
<p>बिसाह्डा गाँव में कई सालों से हिन्दू और मुस्लिम साथ रह रहे हैं और मुसलमानों के 50 घरों को हिन्दु हमेशा सहायता करते हैं. इस गाँव में बनी मस्ज़िद के लिए गाँव के हिन्दुओं ने ही मिलकर 2 लाख रूपए दिए थे. गाँव में रहने वाले कई मुस्लिम परिवारों के बेटियों की शादियाँ में मदद की हैं. इतना ही नहीं इस घटना में मारे गए इखलाक के बेटी की शादी  में उनके एक हिन्दू मित्र राजेंद्र सिंह ने बारात का पूरा खर्चा उठाया था.</p>
<p>मीडिया को इखलाक से जुडी ऐसी हर बात की जानकारी मिल गयी जिससे साम्प्रदायिकता बढ़ सके लेकिन ऐसी बातों को लोगों तक पहुचाने की किसी ने कोशिश भी नहीं की.</p>
<p>मिडिया के साथ वहां के प्रशासन ने भी धार्मिक उन्माद फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.</p>
<p>जब इखलाक की खबर पुलिस को मिली तो इस पुरे मामले की FIR में हत्या की मुख्य वजह गौ मांस का ज़िक्र भी नहीं किया गया. समाजवादी पार्टी ने इस मामले में अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने से बाज नहीं आई. घटना के दुसरे ही दिन इखलाक के परिवार को अखिलेश सरकार ने 20 लाख रुपया सहायता की घोषणा कर दी लेकिन इसी घटना में गोली से घायल से हुए युवक राहुल यादव की सुध लेना भी ज़रूरी नहीं समझा. सरकार के इस पक्षपाती रवैय्ये से वहाँ का यादव समाज भी नाराज़ हो गया हैं.</p>
<p>मिडिया ने हद तो तब कर दी जब सरकार द्वारा दी गए 20 लाख की सहायता राशि को 45 लाख की बता कर सरकार का गुणगान कर दिया.</p>
<p>अब आप ही बताएं की देश के प्रति,देश में रहने वाले लोगों के प्रति समाज के प्रति प्रशासन और मिडिया के यही कर्तव्य हैं? ये सवाल आप से भी हैं क्योकि आप सब भी खुद को हिन्दू-मुस्लिम के चश्मे से इतर कभी देख भी नही पाते हैं.</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi/uttar-pradesh-media-and-dadari-kand-14396/">मिडिया &#8221; दादरी काण्ड &#8221; की आग को और भड़का रही हैं.</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.youngisthan.in/hindi">Youngisthan.in</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		    <thumbimage>https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/10/dadari-kand-150x150.jpg</thumbimage>
    	</item>
	</channel>
</rss>
