जीवन शैली

सड़क किनारे अगर कर रहे हैं पेशाब तो पीछे से पड़ेगी अब लाठी और बजेगी सिटी

इंडिया में आजकल सफाई अभियान ज़ोरों पर चल रहा है. गीला कचड़ा और सूखा कचड़ा सब अलग अलग रखवाने से लेकर इनेक बारे में टीवी और रेडियो पर प्रचार भी किया जा रहा है. भारत का एक ऐसा शहर है जहाँ अगर किसी को सड़क किनारे टॉयलेट करते देखा गया तो, उनके साथ बड़ी ही अजीब तरह की कार्यवाही की जाएगी. अब तक ऐसा नहीं होता था. फिल्मों में भी दिखाया गे अहिया कि जब कोई सड़क किनारे पेशाब करता है, तो उसे पुलिस पकड़कर ले जाती है. बहुत ज्यादा उस पर कोई कारवाही नहीं की जाती.

इस शहर का नाम है हैदराबाद. इसे नवाबों का शहर भी कहते हैं. इस शहर ने एक नई मुहीम निकली है. लोगों को खुले में पेशाब करने से रोकने के लिए अनोखी तरकीब अपनाते हुए ग्रेटर हैदराबाद नगरपालिका परिषद ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह सीटी बजाकर और जमीन पर लाठी पटककर लोगों को ऐसा करने से हतोत्साहित करें.

अब ये बात तो बड़ी ही मजेदार है कि अगर कोई सड़क किनारे पेशाब कर रहा है और उसी समय किसी ने पीछे से सिटी मार दी और सड़क पर ही लाठी मरने लगा तो वो बाँदा डर जाएगा और दोबारा ऐसा नहीं करेगा. नए तरीके को लाठी, सीटी नाम दिया है. किसी को खुले में पेशाब करते देखकर जीएचएमसी के कर्मचारी सीटी बजाएंगे और लाठी पटकेंगे ताकि लोगों का ध्यान उस व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सके. उसने कहा कि जीएचएमसी पहले से ही खुले में पेशाब करने वालों पर जुर्माना लगाने और उन्हें माला पहनाने जैसे कदम उठा रही है.

 

लगता है कि लोगों को अमिताभ बच्चन की भी बात समझ में नहीं आ रही है. बेचारे टीवी पर ये बताते बताते थक जा रहे हैं कि इस तरह की हरकत न करो. खुले में शौच न करो, लेकिन लगता है लोगों को डंडे की ही बात समझ में आती है. लोग डंडे के ही अधिकारी हैं. भारत में वैसे भी आसानी से किसी को कोई बात समझाई नहीं जा सकती. बड़ी मुश्किल से लोगों को कुछ समझ में आता है. यहाँ पर आप पाने कान नोच लेंगे लेकिन लोगों को समझ नहीं आएगा.

एक फिल्म में भी इस बात को बखूबी दिखाया गया था कि कैसे एक आदमी रोज़ पान खाकर किसी के घर के सामने थूकता है. लाख बार मना करने पर भी उसकी अक्ल ठिकाने नहीं आती. आज भी रिक्शे वाले और अच्छे खासे कार वाले लोग भी गाड़ी सड़क किनारे लगाकर पेशाब करना शुरू कर देते हैं. वो किसी की भी बात नहीं सुनते. जहाँ लिखा रहता है की यहाँ पेशाब करना मना है लोग वहीँ करते हैं.

अब हैदराबाद में इस नए नियम से ज़रूर बदलाव दिखेगा. नगर निकाय का कहना है कि उसने जनता के लिए 109 सार्वजिनक शौचालय, 46 सुलभ शौचालय परिसर और 20 सामुदायिक शौचालय सुलभ करवाए हैं. इसके अलावा पेट्रोल पंप, होटलों और रेस्तरां में भी लोगों के लिए शौचालय उपलब्ध हैं. व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रत्येक आधे किलोमीटर पर शौचालय की व्यवस्था की गई है.

हो सकता है कि हैदराबाद द्वारा अपनाया गया ये तरीका लोगों को ज्ञान दे जाए और लोग सड़क किनारे टॉयलेट करने से बचें.

 

Shweta Singh

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