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सुहागरात के दिन हर दूल्हा सोचता है ये बातें, जानिए !

सुहागरात के दिन

सुहागरात के दिन – शादी एक ऐसा बंधन जो दो लोगों को ज़िंदगी भर के साथ में बांध देता है।

इस रिश्ते की शुरूआत दो लोग अजनबी के तौर पर करते हैं लेकिन वक्त बीतने के साथ उनका रिश्ता बहुत पक्का हो जाता है। शादी के इस रिश्ते में फिज़िकल रिलेशन भी बहुत मायने रखते हैं।

इसलिए शादीशुदा जोड़े, शादी के बाद अपनी पहली रात यानी की सुहागरात को खास बनाने के लिए सुहागरात के दिन कईं बातें सोचते हैं, कईं तरह की प्लानिंग करते हैं।

सुहागरात के दिन –

सुहागरात के दिन

इस खास दिन को और भी खास बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना भी बहुत ज़रूरी है क्योकि जहां एक तरफ ये रात आपके रिश्तों को मज़बूती दे सकती है तो वहीं दूसरी तरफ अगर कुछ खास बातों का ध्यान ना रखा जाए तो ये रिश्तों में तनाव भी पैदा कर सकती है। जहां लड़कियां अपनी सुहागरात को लेकर कईं तरह की प्लानिंग करती हैं, थोड़ा शर्माती हैं तो थोड़ा घबराती हैं तो वहीं अगर आप ऐसा सोचते हैं कि लड़के इस रात को लेकर नर्वस नहीं होते या कुछ नहीं सोचते तो आप ग़लत है, आइए आपको बताते हैं कि ‘लड़के’ अपनी सुहागरात पर क्या सोचते हैं।

1- फाइनली अकेले हैं ! – सबसे पहला ख्याल जो लड़कों के मन में आता है वो ये ही आता है कि फाइनली अब हम अकेले हैं अब क्या !

सुहागरात के दिन

2- क्या मुझे करना चाहिए या कहना चाहिए?– ये कन्फ्यूजन भी सभी लड़कों के दिमाग में होता है, सामान्य तौर पर लड़कियां पहल नहीं करती, ऐसे में लड़के अक्सर ये सोचते हैं कि क्या उन्हे बात करनी चाहिए या फिर इस रिश्ते को अगले पड़ाव पर ले जाने की कोशिश करनी चाहिए।

3- क्या ये सच है- शादी के बाद अपनी वाइफ को फाइलनी अपने साथ देख अक्सर दूल्हे राजा यकीन नहीं कर पाते और इसी कन्फ्सयूजन में रहते हैं कि क्या ये सच है या वो जागती आंखों से सपना देख रहे हैँ।

सुहागरात के दिन

4- सेक्स ! हां या ना- यूं तो लड़कों के मन में सुहागरात पर सेक्स का ख्याल उमड़- घुमड़ करता है लेकिन वो ये सोचते हैं कि अगर पहल की तो कहीं लड़की इसे ग़लत अर्थों में ना ले लें और अगर नहीं की तो कहीं उन्हे वो ना समझे….

5- अभी तो हम एक-दूसरे को ठीक से जानते भी नहीं- अगर आप सोचते हैं कि सेक्स के बारे में सोचकर सिर्फ नई-नवेली दुल्हन को झिझक होती है तो आप ग़लत है लड़के भी ऐसा सोचते हैं कि अभी तो हम एक-दूसरे को ठीक से जानते भी नहीं, ऐसे में फिजिकल होना, जल्दबाजी तो नहीं।

सुहागरात के दिन

6- चलो फिल्मों वाले हालात तो नहीं है- बेड के किनारे हल्दी वाला दूध, गेट के बाहर से नॉक करते कज़िन्स, बेडशीट के नीचे पापड़ और इसी तरह की कईं चीज़े, जो सुहागरात के वक्त फिल्मों में दिखाई जाती हैं, कोई भी लड़का, इन चीज़ों के ना होने से खुशी महसूस करता है।

सुहागरात के दिन

तो ये थी कुछ ऐसी बातें जो हर दूल्हा, सुहागरात के दिन ज़रूर सोचता है। अगर आपके किसी दोस्त की भी हाल ही में शादी होने वाली है तो उन्हे इस स्टोरी में ज़रूर टैग करें।

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