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	<title>बौद्ध धर्म Archives - Youngisthan.in</title>
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		<title>बौद्ध और ब्राह्मण लोगों का एक है धर्म, फिर क्यों करते है जातिवाद</title>
		<link>https://www.youngisthan.in/hindi/buddhists-and-brahmins-have-same-religion-then-why-castism-9174/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Neelam Burde]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 May 2019 11:35:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म और भाग्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p><img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="Gautama_Buddha_Life_Potraits" decoding="async" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />विभिन्न संस्कृति के देश में एक ऐसी परंपरा चलती आ रही है जो दीमक की तरह भारत में लगी है. हा सही समझे आप! जातिवाद ऐसा दीमक है जो बरसो से भारत को लगा है. इसका फायदा कोई आगे बढने के लिए करता है तो कोई राजनीती करने के लिए. लेकिन आप को बता दे [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="Gautama_Buddha_Life_Potraits" decoding="async" loading="lazy" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/Gautama_Buddha_Life_Potraits.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p>विभिन्न संस्कृति के देश में एक ऐसी परंपरा चलती आ रही है जो दीमक की तरह भारत में लगी है.</p>
<p>हा सही समझे आप! जातिवाद ऐसा दीमक है जो बरसो से भारत को लगा है. इसका फायदा कोई आगे बढने के लिए करता है तो कोई राजनीती करने के लिए.</p>
<p>लेकिन आप को बता दे की यह धर्म को लेकर और फिर जाति को लेकर इतना विवाद क्यों करते है लोग. जब सभी के शरीर में खून लाल है और ५ तत्वों से बने है.</p>
<p>धर्म कोई भी हो, सभी धर्मो के बड़ी जाति वाले अपने से कम जाति के लोगों के साथ कोई रिश्ता नहीं जोड़ते. ख़ास करके हम बात करेंगे हिन्दुओ की, क्योंकि हम सब हिंदुस्तान में रहते है.</p>
<p>विदेशी लोग जब विश्व के धर्मो के बारे में पढ़ते है तब उनके सूची में हिंदु धर्म सब से आखिर में होता है. जबकि बुद्धिज़म ऊपर होता है.</p>
<p>ऐसा क्यों?</p>
<p>सवाल करने से पहले आपको गौतम बुद्ध के बारे में जानकारी होनी आवश्यक है. तब आप ऐसा सवाल कभी नहीं करेंगे.</p>
<p><strong>बौद्ध धर्म कैसे निर्माण हुआ</strong><strong>?</strong></p>
<p>आप को तो पता ही होगा कि, सिद्धार्थ का जन्म एक क्षत्रीय परिवार हुआ था और वह हिंदु था.</p>
<p>जैसे जैसे&nbsp; सिद्धार्थ बड़े होते गए तो उनके आस पास की चीजो को देखकर उनके मन में अनेको सवाल पैदा होने लगे, फिर सिद्धार्थ को उन सवालो का जबाव भी चाहिए था. परंतु उन्हें दूर दूर तक उन सवालो के जबाव नजर नहीं आते थे. उसे आने वाले सवाले के जवाब नहीं मिले. एक बड़े साम्राज्य में पला बड़ा ये युवक अपने सवालों के जवाब खोजने के लिए जंगल की धुल उडाता घूम रहा था. कई महीनो बीत गए पर जवाब नहीं मिला. तब सिद्धार्थ ने ठान लिया की अगर उसे वो ज्ञान नहीं मिला तो वो कभी ध्यान नहीं&nbsp; से उठेगा. आखिर कार सिद्धार्थ को बिहार के बोध गया में एक वट वृक्ष के निचे वो परम ज्ञान मिल गया और सिद्धार्थ गौतम बुद्ध बन गये.</p>
<p>एक हिंदु क्षत्रीय होने के बावजूद उन्हों ने अपना धर्म छोड़ा और लोगों के लिए एक नया धर्म बौद्ध दिया. इसी धर्म के लोग अब विश्व में हिन्दुओं से ज्यादा हो गए है. हिंदु धर्म को फ़िल्टर करके निकला है बौद्ध धर्म को जिसे धर्मो में सबसे श्रेष्ठ कहा जाता है.</p>
<p><strong>हिंदु धर्म कैसे निर्माण हुआ</strong><strong>?</strong></p>
<p>दंत कथाओं को पढ़ते हुए, हिंदु धर्म सब से पुराना माना जाता है. किंतु धर्म में अभी जितना जातीवाद होता था उतना तब नहीं होता था. पहले जाति कर्म के आधार पर हुआ करती थी और पूर्वजो के आधार पर. अभी के जमाने में जाति के नाम पर आतंक देखने को नहीं मिलता था.</p>
<p>कई वर्ष पहले भारत विशाल देश था जहा पर अनेक देशो के लोग आये और राज करके चले गए. हड़प्पा और मोहन जोदडो और नोमेडिक सभ्यता के वक़्त से हम बात कर रहे है. लोग आते गए और स्थानिक लोगों के साथ काले और गोरे का भेद भाव शुरू हो गया. गोरे खुद को प्रिस्ट (ब्रामण) और बड़े जाति के कहलाने लगे. यही लोग अपने सहूलियत देख कर आगे धर्म में परंपराए एवं रूढ़ीवाद का विस्तार करते रहे. यही परंपरा अभी तक जारी है बस बदलते ज़माने के साथ इन में थोड़े बदलाव आए है.</p>
<p><strong>बौद्ध और ब्राह्मण लोगों का एक कैसे </strong><strong>?</strong></p>
<p>अब दोनों धर्मो के बारे में हमे थोडा ज्ञान तो हो चुका है. अब आपको थोडा तार्किक होना पड़ेगा.</p>
<p>हिन्दुओ में सबसे बड़ी जाति है ब्राह्मण और जो नीचली जात है वो दलित. किंतु अब यह दलित लोग बौद्ध धर्म को अपना रहे है.</p>
<p>बौद्ध धर्म में जो कुछ कहा गया है वो अधिक श्रेष्ठ&nbsp; विचार है जिसके सामने ब्राह्मण भी समान है. गौतम बुद्ध को यह जातिवाद पसंद नहीं था इस लिए उन्होंने इंसानों के साथ जानवरों के बारे में सोच कर एक चलने की राह दी. इस राह पर जो भी लोग चलते गए उन्हें जीवन में सकारत्मक और व्यावहारिक दुष्टि मिली.</p>
<p>यही वजह है, जीने के तरीके में जिसे लोग धर्म कहते है और इस धर्म में भेद भाव नहीं बल्की सब समान है.</p>
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		<title>गौतम बुद्ध के विचारों से प्रेरित इन महान योद्धाओं ने बौद्ध धर्म को अपनाया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Neelam Burde]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Feb 2019 12:35:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इतिहास]]></category>
		<category><![CDATA[विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[Buddhism religion]]></category>
		<category><![CDATA[Buddhism way of life]]></category>
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		<category><![CDATA[बौद्ध धर्म वैज्ञानिक है]]></category>
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					<description><![CDATA[<p><img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="buddha" decoding="async" loading="lazy" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />जैसे ही हम बात करते है गौतम बुद्ध की हमारे आंखो के सामने उनकी समाधी अवस्था की प्रतिमा आ जाती है. शांति और सुकून का अहसास होने लगता है. हम सब जानते है कि गौतम बुद्ध एक राजा थे, जिन्होंने बचपन में दूसरों का कष्ट देखा और  अपनी गृहस्थी छोड़ उन दुखो के निवारण के [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="buddha" decoding="async" loading="lazy" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2015/07/buddha.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p>जैसे ही हम बात करते है गौतम बुद्ध की हमारे आंखो के सामने उनकी समाधी अवस्था की प्रतिमा आ जाती है. शांति और सुकून का अहसास होने लगता है. हम सब जानते है कि गौतम बुद्ध एक राजा थे, जिन्होंने बचपन में दूसरों का कष्ट देखा और  अपनी गृहस्थी छोड़ उन दुखो के निवारण के लिए राजपाठ त्याग दिया.</p>
<p>७ दिन ८ रातो की कठिन उपासना के बाद उनको ज्ञान प्राप्ति हुई. इस ज्ञान को बुद्ध ने अपने तक सीमित नहीं रखा. जो राह में मिला उसे वो ये ज्ञान देते गए. जो उनको फिर हिंदु धर्म में बुलाने आये वो भी खुद बुद्ध के रंग में रंग गए. इस तरह बुद्ध के विचारों का प्रचार प्रसार होने पर लोगों ने इसे बौद्ध धर्म नाम दिया.</p>
<p><strong>बुद्ध से कौन हुए थे प्रेरित </strong><strong>?</strong></p>
<p>वैसे तो कई लोगों ने बुद्ध धर्म को अपनाया, जिनकी हम बात करेंगे वो ऐसे महान योद्धाओं की कहानी है जिन्होंने राजा होने का कभी गर्व नहीं किया और अपनी जनता के लिए, सभी कष्टों को दूर करने के लिए बुद्ध के विचार अपनाए.</p>
<p><strong>सम्राट अशोक </strong><strong>–</strong></p>
<p>अशोक को अपने विस्तृत साम्राज्य के बेहतर कुशल प्रशासन तथा बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए जाना जाता है. हमारे तिरंगे पर नीला अशोक चक्कर इसका ज्ञान हमेशा कराता है कि राजा अशोक कितना महान था. जीवन के उत्तरार्ध में अशोक गौतम बुद्ध के भक्त हो गए और उन्हीं  स्मृति में उन्होंने एक स्तम्भ खड़ा कर दिया जो आज भी नेपाल में उनके जन्म स्थल-लुम्बिनी में मायादेवी मन्दिर के पास अशोक स्‍तम्‍भ के रूप में देखा जा सकता है. उसने बौद्ध धर्म का प्रचार भारत के अलावा श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, पश्चिम एशिया, मिस्र तथा यूनान में भी करवाया। अशोक के अभिलेखों में प्रजा के प्रति कल्याणकारी द्रष्टिकोण की अभिव्यक्ति की गई है.</p>
<p><strong>सम्राट कुषाण &#8211;</strong></p>
<p>कुषाण सम्राट कनिष्ट की गणना भारत ही नहीं एशिया के महानतम शासकों में की जाती है. इसका साम्राज्य मध्य एशिया के आधुनिक उझबेकिस्तान, तजाकिस्तान, चीन के आधुनिक सिक्यांग एवं कांसू प्रान्त से लेकर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और समस्त उत्तर भारत में बिहार एवं उड़ीसा तक फैला था. कुषाण अपनी प्रजा को संतुष्ट करने के लिए सब धर्मों के देवताओं को अपने सिक्कों पर अंकित कराया था. पर इस बात में कोई सन्देह नहीं कि कनिष्क बौद्ध धर्म का अनुयायी था, और बौद्ध इतिहास में उसका नाम अशोक के समान ही महत्व रखता है. आचार्य अश्वघोष ने उसे बौद्ध धर्म में दीक्षित किया था. इस आचार्य को वह पाटलिपुत्र से अपने साथ लाया था और इसी से उसने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी.</p>
<p><strong>बौद्ध धर्म क्या है </strong><strong>?</strong></p>
<p>दरसल यह धर्म नहीं है, ये एक जीने का तरीका है जिसे महात्मा बुद्ध ने अपने आसान शब्दों में लोगों तक पहुचाया है.</p>
<ol>
<li>नैतिक जीवन जिनका तरीका है बौद्ध.</li>
<li>विचारों को कार्यों में बदलते वक़्त उसे जागरूक तरीके से करना सिखाता है बौद्ध.</li>
<li>ज्ञान और समझदरी को विकसित करता है बौद्ध.</li>
</ol>
<p><strong>क्या बुद्ध भगवान है </strong><strong>?</strong></p>
<p>राजा सिद्धार्थ को ज्ञान की प्राप्ति हुई किंतु उन्होंने कभी नहीं कहा कि वो भगवान है. उन्होंने यह भी नहीं कभी कहा की वो ही बौद्ध के प्रचारक और प्रसारक है. उन्होंने केवल लोगों के दुःख दूर करने के लिए अपने ज्ञान का प्रसार किया था.</p>
<p><strong>बौद्ध धर्म फैलने में सफल क्यों हुआ</strong><strong>?</strong></p>
<p>यह एक मात्र धर्म है जो असल में जीने का तरीका सिखाता है. इस में दुखों से बचने के कई उपाय है जिससे लोग अपनाते गए और उसका प्रसार अधिक हुआ. बौद्ध धर्म में यह नहीं कहा गया की आप अंधे बनके किसी विचार को अपनाओं बल्की यह बताया जाता है कि आपकी अंदर की आत्म को पहचानो वाही परमेश्वर है और दुखो का निवारणकरता. इस लिए बुद्ध भक्त अक्सर अपना सर थोडा झुकाके अपने इष्ट को याद करते है और अपने अंतर आत्मा में झाकते है.</p>
<p><strong>बौद्ध धर्म वैज्ञानिक है</strong><strong>?</strong></p>
<p>आप विभिन्न देशो के बौद्ध लोग देखेंगे तो आप को पता चलेगा कि वे एक दुसरे से विचारों में अलग है. यह इस लिए क्योंकि सभी देशों की अपनी एक छाप होती है. किंतु जो गौतम बुद्ध के सही विचारों का अनुयायी है वो ही इंसान असली बौद्ध है. ऐसे लोग आपको अपने अनुभवों से बताएंगे कि बौद्ध धर्म में कोई आपको नहीं खिचता. ये विचार ही इतने प्रैक्टिकल है की आप इनमे हो लेते हो और बौद्ध धर्म को मानने लगते हो.</p>
<p><strong>बुद्ध के कुछ अनमोल विचार </strong></p>
<p>१.  सत्य एक ही है, दूसरा नहीं। सत्य के लिए बुद्धिमान विवाद नहीं करते.</p>
<p>२.  मनुष्य को असत्य भाषण का परित्याग कर देना चाहिए और दूसरों को भी सत्य बोलने का उपदेश करना चाहिए. सदा ईमानदारी की सराहना करनी चाहिए.</p>
<p>३. सभी गलत कार्य मन से ही उपजाते हैं. अगर मन परिवर्तित हो जाय तो क्या गलत कार्य रह सकता है.</p>
<p>४. अतीत पर ध्यान केन्द्रित मत करो, भविष्य का सपना भी मत देखो, वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करो.</p>
<p>५. घृणा, घृणा करने से कम नहीं होती, बल्कि प्रेम से घटती है, यही शाश्वत नियम है.</p>
<p>६. स्वास्थ्य सबसे महान उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन तथा विश्वसनीयता सबसे अच्छा संबंध है.</p>
<p>७. मनुष्य का दिमाग ही सब कुछ है, जो वह सोचता है वही वह बनता है.</p>
<p>८. अपने उद्धार के लिए स्वयं कार्य करें. दूसरों पर निर्भर नहीं रहें .</p>
<p><strong>महात्मा बुद्ध अस्सी वर्ष के थे जब उन्होंने अंतिम शब्द अपने मुख से बोले</strong><strong>  &#8211;</strong></p>
<p>&#8220;हे भिक्षुओं, इस समय आज तुमसे इतना ही कहता हूँ कि जितने भी संस्कार हैं, सब नाश होने वाले हैं, प्रमाण रहित हो कर अपना कल्याण करो.</p>
<p>अब आप समझ गए होंगे की क्यों वो महान योद्धा अपने राजपाठ को छोड़ छाड़ के बुद्ध के नक़्शे कदम पे चल पड़े थे.</p>
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		<item>
		<title>आखिर क्यों बड़ी संख्या में हिन्दू अपना रहे हैं बौद्ध धर्म? यंगिस्थान पर हिन्दुओं को हिला देने वाला सनसनीखेज खुलासा</title>
		<link>https://www.youngisthan.in/hindi/why-hindus-embrace-buddh-religion-22080/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Chandra Kant S]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 Apr 2016 12:31:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[बौद्ध धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दू अपना रहे हैं बौद्ध धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<p><img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="हिन्दू अपना रहे हैं बौद्ध धर्म" decoding="async" loading="lazy" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-768x461.jpg 768w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />बीते दिनों एक बड़े अखबार पर धर्मपरिवर्तन की खबर चली थी. हिन्दू धर्म के कुछ लोग बौद्ध धर्म को अपना रहे थे. धर्मपरिवर्तन के समय लोगों ने बोला था कि हिंदु धर्म में जाति के नाम पर दरार पैदा किया जाता है. हम लोग इसकी कुरितियों से परेशान हो चुके हैं इसलिए हम लोगों ने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-300x180.jpg" class="attachment-medium size-medium wp-post-image" alt="हिन्दू अपना रहे हैं बौद्ध धर्म" decoding="async" loading="lazy" style="float:left; margin:0 15px 15px 0;" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-300x180.jpg 300w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-768x461.jpg 768w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha-400x240.jpg 400w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2016/04/buddha.jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p>बीते दिनों एक बड़े अखबार पर धर्मपरिवर्तन की खबर चली थी.</p>
<p>हिन्दू धर्म के कुछ लोग बौद्ध धर्म को अपना रहे थे. धर्मपरिवर्तन के समय लोगों ने बोला था कि हिंदु धर्म में जाति के नाम पर दरार पैदा किया जाता है. हम लोग इसकी कुरितियों से परेशान हो चुके हैं इसलिए हम लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाया है.</p>
<p>धर्म परिवर्तन करने वालों में 140 महिलायें भी शामिल थीं और कुल धर्मपरिवर्तन करने वाले लोग कुछ 500 कि संख्या में थे. यह सभी बिहार के औरंगाबाद  और जहानाबाद के अलावा  महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश से थे.</p>
<p>जब यंगिस्थान ने जांच की &#8211; आखिर क्यों बड़ी संख्या में हिन्दू अपना रहे हैं बौद्ध धर्म? तो उसको कई तरह की बातें जानने को मिली हैं.</p>
<p>आज हम आपको धर्मपरिवर्तन की इसी जमीनी सच्चाई से वाकिफ कराने वाले हैं.</p>
<p><strong>बौद्ध धर्म से मुसलमान बन रहे हैं दलित</strong></p>
<p>बौद्ध धर्म में हिन्दू दलितों का हो रहा यह धर्मपरिवर्तन काफी खतरनाक है. अभी हमारे समाज के जिम्मेदार लोग बेशक शांत है लेकिन आंकड़ों पर नजर डालते ही इनकी नींद उड़ सकती है. कुछ मुस्लिम धर्म गुरुओं ने इस चाल का निर्माण किया है. अगर इन हिन्दुओं को पहले मुसलमान बनाया जाएगा तो हंगामा हो जाएगा. इसीलिए इन लोगों को पहले बौद्ध धर्म में भेजा जाता है और वहां से मुसलमान बनाने का काम हो रहा है.</p>
<p>आंकड़ों पर नजर डालें तो बीबीसी की एक रिपोर्ट सब कुछ कह जाती है.</p>
<p>इसके अनुसार सन 2001 की जनगणना के मुताबिक देश में बौद्धों की जनसंख्या अस्सी लाख है जिनमें से अधिकांश नवबौद्ध यानि हिंदू दलितों से धर्म बदल कर बने हैं. सबसे अधिक 59 लाख बौद्ध महाराष्ट्र में बने हैं. यूपी में सिर्फ 3 लाख के आसपास नवबौद्ध हैं. फिर कई इलाकों में इन्होंने हिंदू कर्मकांडों को छोड़ दिया है. पूरे देश में 1991 से 2001 के बीच बौद्धों की आबादी में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.</p>
<p>इसके बाद अगर आप नजर डालें तो बीजेपी पार्टी के कुछ सूत्र यह बता रहे हैं कि यूपी में हुए एक सर्वे के अन्दर यह बात सामने आई है कि बौद्ध धर्म अपनाने वाले लोगों को पैसा देकर मुसलमान बनाया जा रहा है. इस काम के लिए बाहर से मौलवियों को धन मिल रहा है. वैसे दलित लोग धन के लालच में ही एक धर्म से दूसरा धर्म अपना रहे हैं. जहाँ पैसा मिलता है यह लोग वहीँ हो लेते हैं.</p>
<p><strong>तो गलती हमारी भी है</strong></p>
<p>दलित लोग अगर हिन्दू धर्म को छोड़कर जा रहे हैं तो इसके पीछे उनका यहाँ से मोहभंग होना ही है. ज़िन्दगी पर गैर-बराबरी को झेलते हुए जीने से अच्छा है किसी और धर्म में बराबरी प्राप्त करना. पिछले दो-तीन सालों में दलित लोगों पर अत्याचार के केस 50 हजार तक बढ़ चुके हैं. बड़ी जाति के लोग दलितों पर अत्याचार कर रहे हैं. इसलिए इन सबसे तंग आकर यह लोग बौद्ध धर्म स्वीकार कर रहे हैं.</p>
<p><strong>जल्द से जल्द बने एक कानून</strong></p>
<p>देश के अन्दर अब जल्द से जल्द एक कानून बनाये जाने की जरूरत है. धर्म परिवर्तन को अगर नहीं रोका गया तो निश्चित रूप से यह देश के लिए घातक सिद्ध होगा. जिस तरह से देश के बाहर से पैसा लाया जा रहा है कि हिन्दुओं को पैसे के दम पर मुसलमान, बौद्ध धर्म और इसाई बनाया जा सके, यह आतंकवाद से कम नहीं है. आदिवासी इलाकों में सारा धन मिशनरी धर्मपरिवर्तन पर ही लगा रही हैं.</p>
<p>बौद्ध धर्म जिसे हम हिन्दुओं के भाई बोलते हैं वह लोग धर्मपरिवर्तन के समय लोगों को कसम खिलाते हैं कि अब हम राम-कृष्ण की पूजा नहीं करेंगे. हम मूर्ति पूजा नहीं करेंगे. यह सब दर्शाता है कि हिन्दुओं के दुश्मन तेजी से बढ़ रहे हैं.</p>
<p>अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में हिन्दू भारत देश में ही अल्पसंख्यक हो जाएगा.</p>
<p>तब ना कोई हिन्दुओं के अधिकारों की बात करेगा और ना ही तब हमको वोट देने का अधिकार होगा.</p>
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